तालिबान के कब्‍जे के बाद अफगानिस्‍तान (Afghanistan Crisis) की क्रिकेट टीम का श्रीलंका दौरा खतरे में नजर आ रहा था. हालांकि अब अफगानिस्‍तान क्रिकेट बोर्ड (ACB) की तरफ से इस सीरीज को बचाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया गया है. अफगानिस्‍तान के अंतरराष्‍ट्रीय हवाई अड्डे पर इस वक्‍त अमेरिका का कब्‍जा है. ऐसे में तीन सितंबर से शुरू हो रही सीरीज के लिए भला अफगानिस्‍तान की टीम श्रीलंका कैसे पहुंचे.

एसीबी ने अब इस समस्‍या से निजात पाने के लिए अपनी टीम को सड़क मार्ग का इस्‍तेमाल करने का निर्णय लिया है. अफगानिस्‍तान की क्रिकेट टीम पहले सड़क मार्ग से अफगानिस्‍तान का बॉर्डर क्रास करते हुए पाकिस्‍तान पहुंचेगी. इसके बाद खिलाड़ी इस्‍लामाबाद के हवाई अड्डे से फ्लाइट लेकर यूएई पहुंचेंगे. यहां से टीम को श्रीलंका की फ्लाइट मिलेगी.

श्रीलंका में अफगानिस्‍तान को तीन वनडे मैच खेलने हैं. सभी मैच कोलंबो से 238 किमी दूर हंबनटोटा में खेले जाने हैं. न्‍यूज एजेंसी आईएएनएस के मुताबिक अफगानिस्तान के सभी खिलाड़ियों को वीजा मिल गया है और वे तुर्कहम सीमा से पाकिस्तान में प्रवेश करेंगे, जो दोनों देशों के बीच प्रवेश की सबसे व्यस्त बंदरगाह है.

टीम को कोलंबो में सीरीज खेलने से पहले इस्लामाबाद से यूएई पहुंचना है, जिसके लिए वह रविवार को सड़क मार्ग से पाकिस्तान की यात्रा करेगी. राशिद खान की अगुवाई वाली टीम को 3 सितंबर से श्रीलंका में पाकिस्तान के खिलाफ तीन वनडे मैच खेलने हैं.

तुर्कहम सीमा पार अफगानिस्तान के नंगरहार प्रांत को पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत से जोड़ता है. तुर्कहम सीमा के माध्यम से काबुल से पेशावर तक की ड्राइव साढ़े तीन घंटे लंबी है. टीम पेशावर से इस्लामाबाद और वहां से यूएई के लिए उड़ान भरेगी. इसके बाद अफगानिस्तान की टीम यूएई से कोलंबो के लिए उड़ान भरेगी.

अफगानिस्‍तान में इन दिनो अस्थिरता की स्थिति है. राष्‍ट्रपति अशरफ गनी तालिबान से अपनी जान बचाकर यूएई भाग गए हैं. इसके बाद से ही पूरे देश में अफरातफरी का माहौल है. इंडियन प्रीमियर लीग, बिग बैश लीग और पाकिस्तान सुपर लीग की तर्ज पर फ्रेंचाइजी-आधारित टी 20 टूनार्मेंट काबुल क्रिकेट स्टेडियम में 10 सितंबर से 25 सितंबर तक आयोजित किया जाना है.