Australia vs England, The Ashes 2021-22: साल के अंत में ऑस्‍ट्रेलिया में होने वाली एशेज सीरीज पर संकट के बादल मंडरान लगे हैं. ऑस्‍ट्रेलिया में सख्‍त बायो-बबल नियम को देखते हुए खिलाड़ी वहां नहीं जाना चाहते. यही वजह है कि सोमवार को इंग्लैंड के पूर्व कप्तान केविन पीटरसन (Kevin Pietersen) ने कहा कि ऐसे सख्‍त बायो-बबल के माहौल में उनके ऑस्‍ट्रेलिया जाने का सवाल ही पैदा नहीं होता.

इंग्‍लैंड में इस वक्‍त बायो-बबल नियम में काफी ढील दी जा रही है लेकिन ऑस्‍ट्रेलिया में परिस्थितियां इसके विपरीत हैं. इंग्‍लैंड के खिलाड़ी वहां अपने परिवार को भी साथ नहीं ले जा सकते हैं. जिसके चलते इंग्लिश टीम मुखर रूप से इस एशेज सीरीज का विरोध कर रही है.

केविन पीटरसन (Kevin Pietersen) ने ट्वीट किया, ‘‘मेरे इन सर्दियों में एशेज के लिए जाने का सवाल ही नहीं उठाता. शून्य संभावना. जब तक क्‍वारंटीन के बेवकूफाना नियम हटाए नहीं जाते और मेरा परिवार बिना किसी पाबंदी के यात्रा नहीं कर पाता, मैं नहीं जाऊंगा. खिलाड़ी अब जैविक रूप से सुरक्षित माहौल से परेशान हो चुके हैं.’’

एशेज सीरीज की शुरुआत आठ दिसंबर से होगी. इस दौरान कुल पांच टेस्‍ट मैच खेले जाएंगे. हाल में ब्रिटिश प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने एशेज के लिए इंग्लैंड के क्रिकेटरों के परिवारों की यात्रा पर प्रतिबंध का मुद्दा ऑस्ट्रेलिया के अपने समकक्ष स्कॉट मौरिसन के साथ वाशिंगटन डीसी की राजनयिक यात्रा के इतर उठाया था.

जॉनसन ने अमेरिका की राजधानी में कहा था, ‘‘मैंने यह मुद्दा उठाया है (मौरिसन के साथ) और उन्होंने कहा है कि वह परिवारों के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ प्रयास करेंगे.’’

उन्होंने कहा, ‘‘वह यह बात समझ गए हैं कि क्रिकेटरों के लिए क्रिसमस के दौरान अपने परिवार से दूर रहना बेहद मुश्किल है. उन्होंने कहा है कि वह बात करेंगे बताएंगे कि क्या वह कोई हल ढूंढ सकते हैं.’’

अगले महीने शुरू होने वाला टी20 विश्व कप संयुक्त अरब अमीरात में कड़े जैविक रूप से सुरक्षित माहौल में खेला जाना है और ऐसे में इंग्लैंड के सभी प्रारूपों में खेलने वाले खिलाड़ी अगर आस्ट्रेलिया जाते हैं तो उन्हें लगभग चार महीने तक जैविक रूप से सुरक्षित माहौल में रहना पड़ सकता है.

ऑस्ट्रेलिया ने साल के अंत तक सीमा और पृथकवास नियमों में ढील की योजना बनाई है. तब तक कम से कम 80 प्रतिशत वयस्क जनसंख्या को कोविड-19 के दो टीके लगने की उम्मीद है.