भारतीय टीम के स्टार बल्लेबाज विराट कोहली (Virat Kohli) अपने 100वें टेस्ट से एक कदम दूर खड़े हैं. लेकिन इससे पहले ही उन्होंने टेस्ट टीम की कप्तानी छोड़कर सभी को चौंका दिया है. विराट ने जब बीसीसीआई को फोन पर अपने फैसले की जानकारी दी, तो बीसीसीआई की ओर से उन्हें तुरंत यह प्रस्ताव दिया गया कि वह चाहें तो अपना 100वां टेस्ट बतौर कप्तान बेंगलुरु में खेल सकते हैं. लेकिन विराट (Virat Kohli) ने इसे अस्वीकार कर दिया.

99 टेस्ट खेल चुके विराट कोहली का 100वां टेस्ट साउथ अफ्रीका दौरे पर ही पूरा हो गया होता. लेकिन उन्हें कमर में ऐंठन के कारण जोहानिसबर्ग में खेला गए दूसरे टेस्ट से हार का सामना करना पड़ा. इसके बाद उन्होंने केपटाउन में खेले गए तीसरे टेस्ट में एंट्री की. हालांकि सीरीज का पहला टेस्ट जीत चुका भारत को इन दोनों टेस्ट में ही हार का मुंह देखना पड़ा और इसके बाद कप्तान कोहली ने अपनी कप्तानी छोड़ने का फैसला ले लिया.

अंग्रेजी दैनिक हिंदुस्तान टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, ‘जब विराट कोहली ने फोन पर बीसीसीआई के एक बडे़ अधिकारी से अपनी कप्तानी छोड़ने की बात कही तो उस अधिकारी ने तुरंत ही विराट को बेंगलुरु के चिन्नास्वामी स्टेडियम में बतौर कप्तान अपना 100वां टेस्ट खेलने की पेशकश की.’

लेकिन विराट ने साफ कहा कि उन्हें यह मंजूर नहीं है और एक मैच से कोई फर्क नहीं पड़ता. मैं ऐसा व्यक्ति नहीं हूं. बेंगलुरु शहर विराट कोहली (Virat Kohli) का दूसरा घर माना जाता है. क्योंकि वह आईपीएल की शुरुआत से ही रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर (RCB) के लिए खेल रहे हैं.

माना जा रहा है कि विराट कोहली ने कप्तानी छोड़ने का फैसला करने के बाद सबसे पहले इसकी जानकारी टीम के हेड कोच राहुल द्रविड़ (Rahul Dravid) और टीम के बाकी साथी खिलाड़ियों को दी. इसके बाद उन्होंने फोन पर बीसीसीआई अध्यक्ष सौरव गांगुली और सचिव जय शाह को यह जानकारी देकर सोशल मीडिया पर अपने फैसले का ऐलान कर दिया.