क्रिकेट जगत को गहरा सदमा लगा है. बांग्लादेश के पूर्व स्पिनर मुशर्रफ हुसैन (Mosharraf Hossain) महज 40 साल की उम्र में दुनिया को अलविदा कह गए. हुसैन लंबे वक्त से कैंसर से जूझ रहे थे. करीब तीन साल इस बीमारी से जूझने के बाद 19 अप्रैल को मुशर्रफ ये जंग हार गए. हुसैन के परिवार में पत्नी के अलावा एक बच्चा है. हुसैन के निधन की जानकारी खुद बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) ने दी है.

बीसीबी ने ट्विटर पर दी जानकारी

बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने ट्वीट किया, ‘‘बीसीबी बांग्लादेश की राष्ट्रीय टीम के पूर्व खिलाड़ी मुशर्रफ हुसैन रूबेल के निधन पर शोक व्यक्त करता है. बाएं हाथ के इस स्पिनर ने दो दशक के अपने करियर के दौरान सभी प्रारूपों में 550 से अधिक विकेट हासिल किए. बीसीबी सहानुभूति और शोक जाहिर करता है.’’

मस्तिष्क के कैंसर से जूझ रहे थे मुशर्रफ हुसैन

मुशर्रफ हुसैन मस्तिष्क के कैंसर से जूझ रहे थे, जिसका उन्हें मार्च 2019 में पता चला था. हालांकि उपचार के बाद वह इस बीमारी से उबर गए थे, लेकिन नवंबर 2020 में ट्यूमर दोबारा उभर आया. हुसैन दो हफ्ते से अधिक समय से अस्पताल में थे, लेकिन हाल में कीमोथेरेपी के बाद घर लौट आए थे.

मुशर्रफ हुसैन के प्रदर्शन पर एक नजर

20 नवंबर 1981 को ढाका में जन्मे मुशर्रफ हुसैन ने बांग्लादेश के लिए 2008 और 2016 के बीच पांच वनडे मैच खेले, जिसमें उन्हें चार विकेट हासिल हुए. हुसैन को 2013 में बांग्लादेश प्रीमियर लीग के फाइनल में मैच का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी चुना गया था. हुसैन बांग्लादेश में प्रथम श्रेणी क्रिकेट में 3000 रन और 300 विकेट की उपलब्धि हासिल करने वाले सात क्रिकेटरों में से एक हैं.