I Cannot Tolerate People on Social Media That Is Why I Never Accepted Coaching Of Pakistan Team Says Wasim Akram: दुनिया के महान तेज गेंदबाज वसीम अकरम (Wasim Akram) को कई क्रिकेट फैन्स कोच के रूप में देखना चाहते हैं. वसीम अकरम ने आईपीएल समेत कुछ लीग और क्लबों में भले कोच की भूमिका निभाई हो लेकिन उन्होंने कभी किसी इंटनेशनल टीम के साथ यह पारी नहीं खेली है. खासतौर से पाकिस्तान के क्रिकेट फैन्स यह तहे दिल से चाहते हैं कि वह उनकी टीम की कोचिंग करें. लेकिन इस पूर्व दिग्गज ने कहा कि सोशल मीडिया के दौर में वह पाकिस्तानी लोगों को बर्दाश्त नहीं कर सकते इसलिए उन्होंने कभी स्थायी तौर पर नेशनल टीम का कोच बनना स्वीकार नहीं किया.

वसीम अकरम (Wasim Akram) ने कहा कि मुझे पता है कि जब टीम नाकाम रहती है तो सोशल मीडिया पर कोचों और सीनियर खिलाड़ियों को जिस ढंग से बेइज्जत किया जाता है, वह उसे बर्दाश्त नहीं कर सकते.

अकरम ने क्रिकेट पाकिस्तान.कॉम.पीके यूट्यूब चैनल को दिए इंटरव्यू में कहा,’मैं किसी की बदतमीजी बर्दाश्त नहीं कर सकता. मैं कोई मूर्ख नहीं हूं कि मुझे नजर नहीं आता कि टीम के खराब खेलने पर लोग कैसे कोचों और सीनियर खिलाड़ियों के साथ बदसलूकी करते हैं. मेरे अंदर उतना धैर्य नहीं है.’

उन्होंने कहा कि क्रिकेटप्रेमियों का जुनून उनकी समझ में आता है लेकिन सोशल मीडिया पर इस्तेमाल होने वाली खराब भाषा और अपमान उनकी समझ से परे है. उन्होंने कहा, ‘हमें यह समझना चाहिए कि सोशल मीडिया पर हम जो कुछ लिखते हैं, वह बताता है कि हम कैसे हैं.’

उन्होंने कहा, ‘कई बार आप अच्छा प्रदर्शन करते हैं और कई बार हार जाते हैं लेकिन इस तरह की तल्ख प्रतिक्रिया या बदसलूकी दूसरे देशों में नहीं होती. कभी आपने देखा है कि रवि शास्त्री (Ravi Shastri) के साथ सोशल मीडिया पर इस तरह का बर्ताव हो. लोगों का सोशल मीडिया पर बर्ताव देखकर मुझे डर लगता है.’

55 वर्षीय अकरम ने कहा कि पाकिस्तान सुपर लीग में कराची किंग्स टीम के साथ उन्हें अधिकांश खिलाड़ियों के साथ काम करने का मौका मिला. उन्होंने कहा, ‘ऐसा नहीं है कि मैं खिलाड़ियों से पूरी तरह कटा हुआ हूं. वे मुझे सलाह के लिए फोन करते हैं और मुझे पाकिस्तान क्रिकेट के लिए योगदान देकर अच्छा लगता है.’

(इनपुट: भाषा)