पिछले कुछ समय में श्रीलंका की क्रिकेट का ग्राफ तेजी से नीचे आया है. अपने दौर में दुनिया की बेहतरीन टीमों में शुमार इस टीम को लगातार संघर्ष करना पड़ा है. लेकिन अब उसने इंग्लैंड के पूर्व कोच क्रिस सिल्वरलवुड (Chris Silverwood) को अपना नया कोच चुना है और उसे अब टीम के हालात बदलने की आस है. नए कोच ने आते ही अपने बल्लेबाजों को अपनी योजनाएं बता दी हैं और उन्होंने साफ कहा कि टीम के बल्लेबाज सकारात्मक मानसिकता रखकर निडरता के साथ खेलें.

47 वर्षीय सिल्वरवुड ने हाल ही में एशेज (Ashes 2021-22) में हार के बाद इंग्लैंड के मुख्य कोच के पद से हटने के बाद श्रीलंका टीम के मुख्य कोच के रूप में पद ग्रहण किया था. उनका पहला असाइनमेंट बांग्लादेश के खिलाफ होगा, जिसमें दोनों टीमें विश्व टेस्ट चैम्पियनशिप के महत्वपूर्ण अंक के लिए भिड़ेंगी.

सिल्वरवुड चाहते हैं कि श्रीलंका क्रिकेट में सुधार हो, वह बल्लेबाजी करने के लिए सकारात्मक मानसिकता अपना रहे हैं. उन्होंने विशेष रूप से एक ऐसे क्षेत्र के रूप में रन बनाने के इरादे को रेखांकित किया है, जहां श्रीलंका के बल्लेबाज कुछ स्थिर प्रगति कर सकते हैं.

सिल्वरवुड ने कहा, ‘मैंने पिछले कुछ सप्ताह केवल उन चीजों के बारे में सोच कर बिताएं हैं कि हम कैसे सुधार कर सकते हैं. उनमें से एक स्कोर करने का इरादा है. हमें बल्लेबाजों को बिना डरे खेलने के लिए प्रेरित करना होगा.’

मुख्य कोच का मानना है कि उनकी भूमिकाओं में से एक बल्लेबाजों को पहली पारी में बड़ा स्कोर बनाने का विश्वास दिलाना होगा ताकि गेंदबाजों को बचाव करने के लिए कुछ लक्ष्य मिल सके.

उन्होंने कहा,’मैं खिलाड़ियों में कुछ आत्मविश्वास जगाने की कोशिश करूंगा ताकि वे अपनी पारी का निर्माण कर सकें और निश्चित रूप से पहली पारी में बड़े रन बना सकें और हमें गेंदबाजी करने के लिए कुछ रन दे सकें.’

दूसरी ओर, सिल्वरवुड का मानना है कि गेंदबाजों को अपने स्पेल में वास्तविक प्रभाव डालने के लिए बल्लेबाजों के आक्रामक रवैये के तरीके से बाहर आना होगा. श्रीलंका के बांग्लादेश दौरे में दो टेस्ट होंगे, पहला मैच 15 मई से चटगांव में शुरू होगा. दूसरा टेस्ट 23-27 मई के बीच ढाका में होगा.