आईपीएल (IPL 2022) के 15वें सीजन में इस बार मुंबई इंडियन्स (MI) के बाद चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) की हालत भी पतली है. टीम ने 10 मैच खेलकर सिर्फ 3 में जीत दर्ज की है, जबकि उसे 7 में हार मिली है. इस बार चेन्नई ने अपने नए कप्तान रवींद्र जडेजा (Ravindra Jadeja) के साथ शुरुआत की थी. लेकिन 8 मैचों में टीम की खराब हालत और अपनी बिगड़ी फॉर्म के चलते उन्होंने टीम की कमान वापस एमएस धोनी (MS Dhoni) को सौंप दी. लेकिन जब तक धोनी को दोबारा टीम की कमान मिली तब तक बहुत देर हो चुकी थी और बुधवार को जब वह रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर (RCB) से अपना मैच हारी तो उसके प्लेऑफ के दरवाजे करीब-करीब बंद हो गए.

टीम इंडिया के पूर्व विस्फोटक बल्लेबाज और पूर्व उपकप्तान वीरेंद्र सहवाग (Virender Sehwag) ने कहा कि चेन्नई की टीम मैनेजमेंट ने टूर्नामेंट की शुरुआत से पहले धोनी को कप्तानी से हटाकर रवींद्र जडेजा को कप्तान नियुक्त किया यह उसका खराब फैसला था.

सहवाग ने कहा, ‘उनकी यह सबसे बड़ी गलती थी कि उन्होंने MS धोनी को कप्तानी से हटाकर रवींद्र जडेजा को अपना कप्तान चुना. इसके बाद मैं समझता हूं कि जब आपने जडेजा को कप्तान नियुक्त ही कर दिया तो फिर उन्हें पूरे सीजन के लिए कप्तान बने रहना था.’

वीरेंद्र सहवाग क्रिकेट वेबसाइट क्रिकबज पर बैंगलोर चेन्नई के मैच के बाद दोनों टीमों के खेल की समीक्षा कर रहे थे. इस दौरान उन्होंने कहा, ‘इस बार उनकी प्लेइंग XI सेट नहीं थी. शुरुआत में रुतुराज गायकवाड़ ने रन नहीं बनाए. उनके बल्लेबाजों ने रन नहीं बनाए. एक मैच में MS धोनी ने रन बनाए तो दूसरे मैच में रुतुराज गायकवाड़ ने रन बनाए. उस मैच में जब एमएस धोनी ने अंत में चौके छक्के जड़े वह भी सीएसके लगभग हार चुकी थी.’

उन्होंने कहा, ‘उन्होंने बहुत खराब शुरुआत की, फिर बल्लेबाजों ने रन नहीं बनाए, उनका सीजन बहुत परेशानी भरा रहा. लेकिन अगर शुरुआत से ही एमएस धोनी कप्तान होते तब यह शायद बेहतर हो सकता था और शायद सीएसके ने तब इतने मैच नहीं गंवाए होते.’