भारतीय टीम के कप्तान विराट कोहली (Virat Kohli) का बीते दो साल से शतक का सूखा खत्म नहीं हो पा रहा है. दुनिया में सबसे तेज 70 शतक ठोक चुके विराट के बल्ले से नवंबर 2019 के बाद कोई शतक नहीं निकला है. उन्होंने यह शतक बांग्लादेश के खिलाफ खेले डे-नाइट टेस्ट में जड़ा था. तब से उनके फैन्स को उनके बल्ले से शतक का इंतजार है. हालांकि पूर्व भारतीय कप्तान कपिल देव (Kapil Dev) को भरोसा है कि विराट बहुत जल्द इंटरनेशनल क्रिकेट में शतक ही नहीं तिहरा शतक भी जड़ेंगे.

अगले दो महीने में 33 साल के होने जा रहे विराट कोहली ने अपने 32वें साल में कोई शतक नहीं जमाया है. वह क्रिकेट के तीनों फॉर्मेट में खेल रहे हैं. लेकिन तब से न तो वह टेस्ट में कोई शतक जमा पाए हैं और न ही वनडे में. टी20 फॉर्मेट में इस महान बल्लेबाज के नाम अभी तक कोई शतक है ही नहीं. लेकिन एक टीवी चैनल पर भारत के वर्ल्ड कप विजेता कप्तान कपिल देव (Kapil Dev) ने कहा कि इसमें चिंता की बात नहीं है. हर खिलाड़ी के करियर में उतार-चढ़ाव आते हैं और विराट भी इससे जल्दी उबर जाएंगे और वह फिर सिर्फ शतक या दोहरा शतक नहीं बल्कि तिहरा शतक जड़ेंगे.

फिलहाल भारतीय क्रिकेट में तिहरा शतक जड़ने का कारनामा सिर्फ दो बल्लेबाजों के नाम है. वीरेंद्र सहवाग ने अपने करियर में दो बार तो वहीं करुण नायर ने एक बार तिहरा शतक जड़ा है. कपिल देव अनकट शो में विराट कोहली के खेल पर चर्चा कर रहे थे. इस दौरान उन्होंने कहा, ‘खिलाड़ियों का ग्राफ निश्चितरूप से ऊपर-नीचे होता है लेकिन आखिर कब तक? 28 से 32 की उम्र वह उम्र होती है, जब कोई खिलाड़ी सबसे ज्यादा निखरता है.’

उन्होंने कहा, ‘अब वह अनुभवी और परिपक्व हैं. अगर वह अपनी पुरानी फॉर्म में लौट आते हैं, तो विराट सिर्फ शतक और दोहरा शतक नहीं जडे़ंगे. वह आपको 300 रन की पारी खेलकर देंगे. वह इस समय बहुत परिपक्व हैं और उनकी फिटनेस में कोई कमी नहीं है. उन्हें बस खुद को पहचाने की जरूरत है और बड़ी पारी खेलने पर ध्यान देना है.’

62 वर्षीय कपिल देव से जब सवाल किया गया कि क्या विराट कोहली कप्तानी के चलते दबाव में हैं और इसी कारण वह बड़ी पारियां नहीं खेल पा रहे हैं. तो इसके जवाब में इस महान ऑलराउडर ने कहा, ‘बीते कुछ सालों में जब वह धड़ाधड़ रन बना रहे थे तब किसी ने उनकी कप्तानी पर कुछ नहीं कहा और अब अचानक ऐसी बातें होने लगी हैं. जब ग्राफ में ऊपर नीचे का प्रदर्शन दिखाई देता है तब लोगों की ऐसी राय निकलकर सामने आती है.’

कपिल देव ने कहा, ‘जब वह रन बना रहे थे और शतकों के साथ-साथ दोहरे शतक लगा रहे थे, तब उन पर ऐसा दबाव नहीं था? इसका मतलब है कि उनकी कप्तानी पर फोकस नहीं होना चाहिए. उनकी क्षमताओं को देखना चाहिए.’