भारत के स्टार ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा (Ravindra Jadeja) के मुरीद महान ऑलराउंडर और पूर्व भारतीय कप्तान कपिल देव (Kapil Dev) भी हैं. कपिल ने कहा कि वह इस 33 वर्षीय खिलाड़ी को इसलिए खूब पसंद करते हैं क्योंकि यह क्रिकेटर किसी भी परिस्थिति में दबाव में नहीं आता है. उन्होंने कहा कि यह खिलाड़ी क्रिकेट के हर पहलू का खूब लुत्फ उठाता है और खासियत यही उनकी सफलता का एक कारण हो सकती है.

1983 विश्व कप विजेता टीम के कप्तान कपिल देव ने कहा, ‘मुझे नए क्रिकेटरों के बीच रवींद्र जडेजा (Ravindra Jadeja) का खेल पसंद है, क्योंकि वह बिना दबाव के खेलते हैं. वह क्रिकेट का आनंद लेते हैं. इसलिए वह गेंदबाजी के साथ-साथ बल्लेबाजी में भी अच्छे हैं. वह फील्डिंग में भी बहुत अच्छा काम करते हैं. 63 वर्षीय कपिल देव फरीदाबाद के सर्वोदय अस्पताल में उत्तर भारत के पहले पूर्ण रूप से ‘एक्टिव ज्वॉइंट रिप्लेसमेंट रोबोट’ का उद्घाटन करने के लिए यहां आए थे.

रवींद्र जडेजा 9 मार्च को नवीनतम आईसीसी टेस्ट रैंकिंग में शीर्ष क्रम के ऑलराउंडर बन गए. जडेजा ने मोहाली टेस्ट में श्रीलंका के खिलाफ प्लेयर ऑफ द मैच का खिताब जीता था. इस टेस्ट में उन्होंने अपने करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया. पहल उन्होंने बल्ले से नाबाद 175 रन बनाए और श्रीलंका की दोनों पारियों में कुल 9 विकेट (5/41 & 4/46) अपने नाम किए.

यह पूछे जाने पर कि कौन सा क्रिकेट स्टेडियम उनके दिल के बहुत करीब है, ‘हरियाणा हैरीकेन’ ने कहा कि उन्हें चेन्नई का एमए चिदंबरम स्टेडियम सबसे ज्यादा पसंद है, क्योंकि वह वहां कभी असफल नहीं हुए. चेपॉक में खेले गए 11वें टेस्ट में उन्होंने दो शानदार शतकों के साथ 707 रन बनाए और 40 विकेट झटके थे.

131 टेस्ट खेलने वाले कपिल ने कहा, ‘मैं गर्व से कह सकता हूं कि चेपॉक उन मैदानों में से एक है, जहां मैं कभी असफल नहीं हुआ.’ कपिल देव फरीदाबाद के सर्वोदय अस्पताल में ‘ज्वाइंट रिप्लेसमेंट रोबोट’ के उद्घाटन के मौके पर बोल रहे थे.

(इनपुट: आईएएनएस)