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    गौतम गंभीर बोले- सौरव गांगुली इतने अच्‍छे बल्‍लेबाज नहीं थे जितने लक्ष्‍मण और द्रविड़ थे…

    गौतम गंभीर बोले- सौरव गांगुली इतने अच्‍छे बल्‍लेबाज नहीं थे जितने लक्ष्‍मण और द्रविड़ थे…

    सौरव गांगुली मौजूदा वक्‍त में बीसीसीआई के चेयरमैन हैं. उन्‍हें भारत के महानतम कप्‍तानों में शुमार किया जाता है. गौतम गंभीर ने 2007 के टी20 विश्‍व कप और 2011 के विश्‍व कप में अहम भूमिका निभाई.

    Updated: January 5, 2022 7:44 PM IST | Edited By: India.com Staff
    पूर्व सलामी बल्‍लेबाज गौतम गंभीर (Gautam Gambhir) ने बुधवार को कहा कि सौरव गांगुली (Sourav Ganguly) इतने अच्‍छे बल्‍लेबाज नहीं थे जितने वीवीएस लक्ष्‍मण (VVS Laxman) और राहुल द्रविड़ (Rahul Dravid) हुआ करते थे. हालांकि ऐसा कहने के पीछे उनका इरादा दादा को हल्‍के में लेने का नहीं बल्कि तारीफ करने का ही था. दरअसल, गंभीर का मानना है कि सौरव गांगुली मानसिक रूप से काफी ज्‍यादा मजबूत खिलाड़ी थे. यही वजह है कि वो अंतरराष्‍ट्रीय क्रिकेट में इतने कामयाब हुए.

    स्‍टार स्‍पोर्ट्स के लिए कमेंट्री करते वक्‍त गौतम गंभीर (Gautam Gambhir) चर्चा कर रहे थे कि टेस्‍ट क्रिकेट में कामयाब होने के लिए मानसिक रूप से मजबूत होना कितना जरूरी है. उनका कहना था कि वांडर्स की पिच पर मजबूत मानसिकता वाला खिलाड़ी ही रन बना सकता है. यहां अगर एक खिलाड़ी टीम के लिए 25-30 रन का योगदान देता है तो भी उसकी टीम की जीत के लिए काफी है.

    इस दौरान गौतम गंभीर (Gautam Gambhir) ने कहा, “सौरव गांगुली शायद उतने अच्‍छे खिलाड़ी नहीं हैं जितने वीवीएस लक्ष्‍मण या राहुल द्रविड़ थे लेकिन मानसिक रूप से शायद गांगुली ज्‍यादा मजबूत थे. जो कुछ भी उनके और ग्रेग चैपल के बीच हुआ वो सबने देखा. उन्‍हें टीम से निकाला भी गया.”

    किसी भी बड़ी खिलाड़ी के लिए टीम से बाहर होने के बाद वापसी कर पाना आसान नहीं होता. सौरव गांगुली ने यह करके दिखाया. दादा ने अंतरराष्‍ट्रीय क्रिकेट में 11 हजार रन बनाए. ये रन उन्‍होंने अपनी मेंटल टफनेस से चलते ही बनाए हैं.

    बता दें कि सौरव गांगुली (Sourav Ganguly) ने ऐसे वक्‍त पर टीम की कमान संभाली थी जब भारतीय टीम पर मैच फिक्सिंग के गंभीर आरोप लगे थे. इसके बाद उन्‍होंने टीम को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया. विश्‍व कप 2003 के फाइनल तक का सफर भारत ने तय किया.
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