This website uses cookies so that we can provide you with the best user experience possible. Cookie information is stored in your browser and performs functions such as recognising you when you return to our website and helping our team to understand which sections of the website you find most interesting and useful.
IND vs SA- केपटाउन में Virat Kohli की बैटिंग इस सीरीज का निर्णय करेगी: Mohammad Kaif
पूर्व भारतीय बल्लेबाज मोहम्मद कैफ ने कहा- तीसरे टेस्ट में कप्तान विराट कोहली की वापसी के टीम इंडिया को फायदा.
Written by India.com Staff
Last Published on - January 11, 2022 3:12 PM IST

सालों से, जब मैं क्रिकेट खेला करता था या फिर उससे पहले से, क्रिकेट के विद्वान, कोच और खिलाड़ी एक बात मैं लगातार सुनता आ रहा हूं. वे सभी हमेशा कहते है कि कोई भी टेस्ट मैच जीतने के लिए सबसे जरूरी चीज है कि विपक्षी टीम के 20 विकेट निकालें. यह एक ऐसी चीज है, जिस पर कोई बहस नहीं कर सकता. लेकिन यही पूरा सच नहीं है. टेस्ट मैच जीतने के लिए आपको रन भी चाहिए होते हैं. पहली पारी में बड़ा स्कोर, बैटिंग पहली हो या दूसरी दोनों एक समान महत्वपूर्ण हैं. स्कोरबोर्ड का दबाव क्रिकेट का महत्वपूर्ण पहलू है. यह गेंदबाजों का काम आसान बनाता है. अगर कप्तान के पास 400 से ज्यादा रन का टोटल हो तो यह किसी भी कप्तान को अटैकिंग फील्ड सजाकर अपनी योजनाओं पर काम करने को प्रेरित करती है.
दूसरे टेस्ट मैच में भारत ने विराट कोहली (Virat Kohli) को काफी मिस किया था. वह चैंपियन बल्लेबाज हैं और एक उम्दा कप्तान भी. मुझे लगता है कि दूसरे टेस्ट में भारत ने उन्हें काफी मिस किया, खासतौर से एक कप्तान के तौर पर. वह गेंदबाजों के कप्तान हैं और आपको इस स्तर पर एक उत्कृष्ठ प्रदर्शन की आप उम्मीद करते हैं. जैसा कि मैं हमेशा कहता हूं कि टेस्ट मैच जीतने के लिए बॉलरों से 20 विकेट की दरकार होती है लेकिन इससे पहले बल्लेबाजों से उन्हें रन देने की भी दरकार होती है. तो केपटाउन में मैं उम्मीद करता हूं कि विराट कोहली एक बल्लेबाज के तौर पर इस टेस्ट की लय तय करेंगे और एक कप्तान के तौर पर वह विरोधी टीम पर शिकंजा कसेंगे.
TRENDING NOW
मैं उनकी बल्लेबाजी के तौर पर बात करूं तो विराट कोहली (Virat Kohli) टेस्ट मैच बैटिंग के क्लासिक अंदाज में नजर आने चाहिए. उनके पास (साउथ अफ्रीका) एक लंबे कद का लेफ्टआर्म तेज गेंदबाज है, और बाकी भी उन्हें उनके ऑफ स्टंप पर टेस्ट करेंगे. कोहली को ऑफ स्टंप के बाहर की गेंदों की लाइन और लेंथ परखकर बहुत सारी गेंदें छोड़नी होंगी. वह पहले भी इस तरह की स्थितियों से गुजरे हैं, जब पहले भी गेंदबाज उनकी कमजोरी ढूंढ रहे हैं लेकिन विराट ने इससे पहले भी पार पाया है. जैसे कि साल 2018 में भारत के इंग्लैंड दौरे पर जब वह जेम्स एंडरसन (James Anderson) के खिलाफ आउट नहीं हुए थे. अगर भारत को यहां जीतना है तो कोहली को रन बनाने ही होंगे.
कोहली के अलावा चेतेश्वर पुजारा (Cheteshwar Pujara) और अजिंक्य रहाणे (Ajinkya Rahane) भी फॉर्म में आ चुके हैं. उन्होंने पिछले टेस्ट में उम्दा बल्लेबाजी की थी. ऐसे में टीम की प्लेइंग XI की बात करूं तो विराट कोहली की वापसी के लिए हनुमा विहारी (Hanuma Vihari) को बाहर बैठना होगा. इस टेस्ट सीरीज का महत्व सिर्फ आईसीसी टेस्ट चैंपियनशिप की वजह से ही नहीं है, इस मैच का महत्व और भी कई मायनों में है. हम कभी भी साउथ अफ्रीका में सीरीज नहीं जीते हैं और यहां पर यह इतिहास बदलने के लिए सुनहरा मौका है. यह साउथ अफ्रीका कोई मजबूत टीम नहीं है और भारत की योजनाएं बेहतर दिखती हैं. मैं यहां भारत का समर्थन कर रहा हूं कि यह सीरीज 2-1 से जीतेगी.
