केपटाउन टेस्ट में हार के बाद भारतीय टीम के हाथ से यहां पहली बार टेस्ट सीरीज जीतने का मौका भी हाथ से निकल गया. भारतीय टीम इस टेस्ट मैच के पहले हाफ में मामूली अंतर से ही सही लेकिन आगे थी. इसके बावजूद उसे इस टेस्ट मैच में हार का सामना करना पड़ा है. मैच के बाद कप्तान विराट कोहली ने हार के कारणों पर चर्चा करते हुए इसे ऑस्ट्रेलिया में एडिलेड टेस्ट में मिली हार से जोड़ दिया. कप्तान कोहली ने कहा कि थोड़ी देर के खराब खेल से हम कई बार मैच गंवाते जा रहे हैं.

कप्तान कोहली ने मैच के बाद हार की समीक्षा पर कहा, ‘हम 30 से 45 मिनट के दौरान खराब बैटिंग की वजह से मैच गंवा रहे हैं. हम इस सीरीज में अपनी बल्लेबाजी में स्थिरता नहीं बना पाए. हमारी बल्लेबाजी बहुत बार धराशाई हो गई.’ इससे पहले भारत साल 2020 में जब गुलाबी गेंद से एडिलेड में डे-नाइट टेस्ट खेल रहा था, तब भारतीय टीम मजबूत स्थिति में होने के बावजूद अपनी दूसरी पारी में सिर्फ 36 रन पर ढेर हो गई थी और उसने मैच गंवा दिया था.

इस टेस्ट मैच में भी भारतीय टीम पहली पारी में 223 रन पर सिमट गई थी लेकिन टीम इंडिया के तेज गेंदबाजों ने इसके बावजूद साउथ अफ्रीका को पहली पारी में 210 रन पर समेटकर उसे 13 रन की लीड दिला दी. इसके बावजूद वह दूसरी पारी में इस अडवान्टेज को भुना नहीं पाई और पूरी टीम 198 रन पर सिमट कर रह गई. इन 198 रनों में भी नाबाद 100 रन का योगदान रिषभ पंत का था, बाकी के 10 बल्लेबाज मिलकर सिर्फ 70 रन ही जोड़ पाए और बाकी 28 रन भी उन्हें साउथ अफ्रीकी गेंदबाजों की मेहरबानी से मिले, जो उन्होंने अतिरिक्त रन लुटाए थे.

भारतीय कप्तान ने कहा, ‘यह बल्लेबाजी ही थी (जिसके कारण हारे). इसके अलावा किसी और किसी अन्य पहलू पर सवाल नहीं उठा सकते हैं. लोग तेज गेंदबाजी और उछाल के बारे में बात करते हैं, उनकी (दक्षिण अफ्रीका के गेंदबाज) लंबाई को देखते हुए, वे तीनों टेस्ट मैचों में विकेट से अधिक मदद प्राप्त करने में सक्षम रहे.’

कोहली ने कहा, ‘महत्वपूर्ण क्षणों में एकाग्रता की कमी की कीमत हमें चुकानी पड़ी. विरोधी टीम उन क्षणों को अपने नाम करने में सफल रही.’ कप्तान कोहली ने कहा, ‘साउथ अफ्रीका के गेंदबाजों ने हम पर काफी देर तक दबाव बनाए रखने और हमें गलतियां करने के लिए मजबूर करने में सफल रहे. वे इन परिस्थितियों को अच्छी तरह समझते हैं.’

विराट ने कहा, ‘बल्लेबाजी में सुधार जरूरी है, मै इससे भाग नहीं रहा हूं. सीरीज के दौरान कई बार हमारे एक बल्लेबाज के पवेलियन लौटने के बाद लगातार कई विकेट गिरे. यह अच्छी चीज नहीं है. जाहिर है कि इससे काफी निराश हूं.’

(इनपुट: एजेंसी)