Who Will be Virat Kohli Successor: विराट कोहली द्वारा टेस्‍ट टीम की कप्‍तानी छोड़ने के बाद इस बात को लेकर सवाल उठ रहे हैं कि आखिर कौन टीम इंडिया में उनकी जगह भर सकता है. विराट ने जिस तरह पांच साल तक खेल के सबसे लंबे प्रारूप में भारत को नंबर-1 टीम बनाए रखा उसे देखते हुए इतनी जल्‍दी उनका विकल्‍प मिल पाना आसान नहीं है. पूर्व मुख्‍य कोच रवि शास्‍त्री (Ravi Shastri) का मानना है कि अगर रोहित शर्मा (Rohit Sharma) फिट हैं तो उन्‍हें टेस्‍ट कप्‍तान बनाया जा सकता है. रिषभ पंत (Rishabh Pant) को भी इस जिम्‍मेदारी के लिए दिमाग में रखना चाहिए.

इंडिया टुडे से बातचीत के दौरान रवि शास्‍त्री (Ravi Shastri) ने कहा, “अगर रोहित शर्मा फिट हैं तो वो टेस्‍ट क्रिकेट में नेतृत्‍व की जिम्‍मेदारी क्‍यों नहीं संभालते हैं. उन्‍हें साउथ अफ्रीका दौरे के लिए टेस्‍ट टीम में उपकप्‍तान बनाया था लेकिन वो चोट के चलते वहां नहीं जा पाए. ऐसे में जब हम उन्‍हें उपकप्‍तान बना सकते हैं तो फिर कप्‍तानी के लिए प्रमोट क्‍यों नहीं कर सकते.”

आमतौर पर टेस्‍ट क्रिकेट में अजिंक्‍य रहाणे को ही विराट की गैरमौजूदगी में टेस्‍ट क्रिकेट में टीम का लीडर समझा जाता रहा है लेकिन जिस तरह का प्रदर्शन रहाणे बीते एक साल से कर रहे हैं, उसे देखते हुए चयनकर्ताओं ने साउथ अफ्रीका दौरे से पहले उनसे उपकप्‍तानी छीन ली थी. इसके बाद रोहित को ये जिम्‍मेदारी दी गई. रवि शास्‍त्री का मानना है कि बीसीसीआई को टीम में उपकप्‍तान बनाने की परंपरा को बंद कर देना चाहिए.

उन्‍होंने कहा, “रोहित शर्मा (Rohit Sharma) की उपकप्‍तानी को देखा जाना चाहिए. राहुल द्रविड़ को देखना होगा कि वो कौन सा व्‍यक्ति हो सकता है क्‍योंकि एक खिलाड़ी के मन में हमेशा अनिश्चितता रहती है. मेरा मानना है कि टीम में उपकप्‍तान बनाने की परंपरा ही क्‍यों है. टूर के दौरान ही ये देखा जाना चाहिए कि कौन टीम में सबसे अनुभवी है और कौन अच्‍छा खेल रहा है. आप उपकप्‍तान बनाते हो और बाद में ये सोचते हो कि आपका उपकप्‍तान प्‍लेइंग इलेवन में भी फिट नहीं हो पा रहा है.”

रवि शास्‍त्री (Ravi Shastri) का मानना है कि रिषभ पंत भी कप्‍तानी की रेस में है. “रिषभ पंत एक शानदार युवा खिलाड़ी है. एक कोच के रूप में मैं उनके खेल का काफी शौकीन रहा हूं. उनकी मानसिकता काफी अच्‍छी है. खासबात ये है कि वो हमेशा आपको सुनने के लिए तैयार रहता है. बहुत सारे लोग कहते हैं कि वो अक्‍सर वहीं करता है जो वो चाहता है लेकिन ये सच नहीं है. वो खेल को काफी अच्‍छे से पढ़ता है और पहले टीम को आगे रखता है फिर अपने लिए खेलता है. लिहाजा लीडरशिप के लिए पंत को भी दिमाग में रखना चाहिए.”