वेस्‍टइंडीज के खिलाफ पहले वनडे के दौरान रोहित शर्मा (Rohit Sharma) की कप्‍तानी (India vs West Indies, 1st ODI) में जब विराट कोहली पहली बार मैदान में उतर रहे थे तो हर किसी के मन में यही सवाल उठ हा होगा कि भारत को इतने साल तक लीड करने वाला यह पूर्व कप्‍तान टीम में किस तरह एडजस्‍ट कर पाएगा. तमाम कयासों को दरकिनार करते हुए विराट (Virat Kohli) टीम इंडिया में ठीक उसी भूमिका में दिखे जिसमें उनकी कप्‍तानी में महेंद्र सिंह धोनी एक सीनियर के रूप में दिखा करते थे. रोहित ने ना सिर्फ विराट के निर्णयों को सुना बल्कि उसे अमल में भी लाया. जिससे टीम इंडिया को फायदा भी हुआ.

मैदान पर रोहित शर्मा (Rohit Sharma) के नेतृत्‍व में टीम इंडिया अपना 1000वां वनडे मैच खेलने के लिए उतरी. 50 ओवरों के क्रिकेट में इस कीर्तिमान तक पहुंचने वाला भारत पहला देश भी बन गया है. रोहित के लिए ये बतौर रेगुलर कप्‍तान पहला वनडे मैच था. विराट (Virat Kohli) के लिए भी रोहित की कप्‍तानी में खेलने का पहला ही मैच था. मैदान पर फैन्‍स को विराट और रोहित के बीच शानदार तालमेल देखने को मिला.

मैच के दौरान विराट गेंदबाजी कर रहे युजवेंद्र चहल को अपनी गेंद में परिवर्तन करने के लिए सुझाव देते दिखे. अगली ही गेंद पर विंडीज के कप्‍तान कीरोन पोलार्ड शून्‍य पर आउट हो गए. इसके बाद शमर ब्रूक जब आउट हुए तो युजवेंद्र चहल की गेंद बल्‍ले का किनारा लगने के बाद विकेट के पीछे कैच के लिए गई. अंपायर ने आउट नहीं दिया.

इसके बाद मैदान पर सभी खिलाड़ी डीआरएस लेने को लेकर रोहित शर्मा को सलाह देने लगे. रिषभ पंत कंफ्यूज थे. इसी बीच विराट वहां पहुंच और उन्‍होंने रोहित (Rohit Sharma) से कहा कि गेंद बैट पर लगा है और बैट पैड पर भी लगा है. विराट की सलाह  पर रोहित ने डीआरस लिया और टीम को एक और विकेट मिल गया.