लॉर्ड्स टेस्‍ट के पांचवें दिन भारत ने मेजबान इंग्‍लैंड पर 151 रनों से बड़ी जीत दर्ज की. आखिरी दिन के खेल की शुरुआत हुई तो ऐसा लग रहा था कि मैच इंग्‍लैंड की पकड़ में है. हालांकि कई नाटकीय मोड़ के बाद विराट कोहली की सेना ने जीत दर्ज की. लॉर्ड्स के मैदान पर भारत की ये तीसरी टेस्‍ट जीत है. आइये हम आपको मैच में भारत की जीत के पांच कारणों के बारे में बताते हैं.

शमी-बुमराह ने किया कमाल: मैच के आखिरी दिन जब मोहम्‍मद शमी और जसप्रीत बुमराह बल्‍लेबाजी के लिए आए तो आठ विकेट के नुकसान पर 209 रन था. भारत यहीं ऑलआउट हो जाता तो इंग्‍लैंड को जीत के लिए 183 रनों का छोटा लक्ष्‍य मिलता. बुमराह-शमी ने यहां से 89 रनों की अजेय साझेदारी बनाई और इंग्‍लैंड के समक्ष 272 रनों का बड़ा लक्ष्‍य रखने में अहम योगदान‍ दिया. शमी ने इस दौरान 56 रन बनाए जबकि बुमराह ने 34 रनों का योगदान दिया.

रहाणे-पुजारा की 100 रन की साझेदारी: मैच के चौथे दिन भारत ने अपनी दूसरी पारी के दौरान महज 55 रन पर ही तीन विकेट गंवा दिए थे. इंग्‍लैंड के पास 27 रन की बढ़त थी. ऐसे में यह कहना गलत नहीं होगा कि भारत ने महज 28 रन पर अपने तीन विकेट गंवाए हों. यहां से चेतेश्‍वर पुजारा और उपकप्‍तान अजिंक्‍य रहाणे ने मोर्चा संभाला. दोनों ने 100 रन की साझेदारी बनाई. इस दौरान रहाणे ने 61 रनों का योगदान दिया. पुजारा अपने अर्धशतक से 5 रन से चूक गए.

मोहम्‍मद सिराज का जादू: मोहम्‍मद सिराज ने इस मैच में कुल आठ विकेट निकाले. पहली पारी में चार और दूसरी पारी में भी उन्‍हें इतने ही विकेट मिले. दूसरी पारी में उन्‍होंने जोस बटलर, मोइन अली, सेम कर्रन और जेम्‍स एंडरसन का विकेट निकाला. पहली पारी के दौरान डोम सिबले, हसीब हमीद, जोनी बेयरस्‍टो, ओली रॉबिंसन को आउट किया था.

केएल राहुल का शतक: केएल राहुल भले ही दूसरी पारी के दौरान महज पांच रन बनाकर आउट हुए हों लेकिन पहली पारी के दौरान उन्‍होंने शतक जड़कर भारत को मजबूत स्थिति में पहुंचाया. राहुल ने 250 गेंदों का सामना करने के बाद 12 चौके और एक छक्‍के की मदद से 129 रन बनाए.

रोहित शर्मा का अहम योगदान: रोहित शर्मा ने पहली पारी के दौरान 145 गेंदों का सामना कर 83 रन बनाए थे. उन्‍होंनें पहले विकेट के लिए केएल राहुल के साथ मिलकर 126 रनों की साझेदारी बनाई थी.