IND vs NZ Mumbai Test- Mayank Agarwal Tells Who Helped him to Make Century: ऑस्ट्रेलिया दौरे की असफलता के बाद लगातार टीम से अंदर-बाहर चल रहे ओपनिंग बल्लेबाज मयंक अग्रवाल (Mayank Agarwal) ने मुंबई टेस्ट में नाबाद शतक जड़कर एक बार फिर इस पॉजिशन पर अपना दावा मजबूत करने का काम किया है. पहले दिन 120 रन बनाकर नाबाद लौटे मयंक ने दिन का खेल खत्म होने के बाद कहा कि उन्होंने अपनी बैटिंग में जो सुधार किया है उसका श्रेय सुनील गावस्कर (Sunil Gavaskar) को जाता है, जिनके वीडियो देखकर उन्होंने अपनी बैटिंग तकनीक में बदलाव किया है.

हालांकि मयंक को शतक जड़ने के बावजूद यह अहसास भलि-भांति है कि जब टेस्ट टीम में केएल राहुल (KL Rahul) और रोहित शर्मा (Rohit Sharma) की वापसी के बाद अंतिम प्लेइंग XI में जगह बनाना आसान नहीं होगा. लेकिन पहले दिन का खेल खत्म होने के बाद उन्होंने कहा कि टीम के नवनियुक्त कोच राहुल द्रविड़ (Rahul Dravid) ने उनसे साफ कहा था कि वह क्या होगा यह न सोचकर जो उनसे बस में है उसे करने की कोशिश करें. द्रविड़ की इस सलाह से उन्हें फायदा होगा.

मयंक ने शुक्रवार को दबाव में नाबाद 120 रन बनाए और पहले दिन के खेल के बाद क्रीज पर डटे हुए हैं. उन्होंने इस टेस्ट से पहले पूर्व दिग्गज सुनील गावस्कर (Sunil Gavaskar) की बल्लेबाजी के वीडियो को देखकर अपने तरीके में थोड़ा बदलाव किया, जो कारगर रहा. मयंक ने कहा कि सुनील गावस्कर ने उन्हें यह सलाह दी थी कि वह अपनी बैक लिफ्ट को कम करें, जिससे उन्हें फायदा होगा.

मयंक ने कहा, ‘यह सब रातो-रात तो संभव नहीं था लेकिन मैंने धीरे-धीरे इसमें बदलाव लाने की कोशिश की है. इससे मुझे फायदा हो रहा है.’ मयंक ने दिन के खेल के बाद कहा, ‘जब मुझे अंतिम एकादश में चुना गया तो राहुल भाई (द्रविड़) ने मुझसे बात की. उन्होंने मुझसे कहा कि जो मेरे हाथ में है उसे कंट्रोल करो और मैदान में उतर कर अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करो.’

उन्होंने कहा, ‘उन्होंने (द्रविड़) मुझसे कहा था, ‘जब आपको अच्छी शुरुआत मिल जाए तब उसे बड़ी पारी में बदलने की कोशिश करो. मुझे जो शुरुआत मिली थी, उसे भुनाने में खुशी है. लेकिन राहुल भाई की ओर से वह संदेश बिल्कुल साफ था कि मैं इसे यादगार बनाऊं.’

बेंगलुरु के इस सलामी बल्लेबाज ने अफसोस जताया कि इंग्लैंड में किस्मत ने उनका साथ नहीं दिया. इंग्लैंड दौरे पर नेट सत्र के दौरान उन्हें सिर पर चोट लगी और फिर चीजे उनके हाथ में नहीं रहीं.

उन्होंने कहा, ‘यह मेरे लिए दुर्भाग्यपूर्ण था कि मैं इंग्लैंड में नहीं खेल सका. मुझे चोट लग गयी थी और मैं इसके बारे में ज्यादा कुछ नहीं कर सकता था. मैंने इसे स्वीकार कर लिया और कड़ी मेहनत करना जारी रखा और अपनी प्रक्रिया और खेल पर काम करना जारी रखा.’