अंतिम पड़ाव के निकट पहुंच चुका इंडियन प्रीमियर लीग (IPL 2022) का मौजूदा सीजन इस वक्‍त अपनी व्‍यूआरशिप में गिरावट को लेकर सवालों के घेरे में है. बीते दिनों सोनी नेटवर्क के एमडी ने सवाल उठाए थे कि आईपीएल की व्‍यूआरशिप में लगातार गिरावट के बावजूद भी अगले पांच सालों के लिए मीडिया राइट्स के बेस प्राइज में बीसीसीआई ने बेतहाशा वृद्धि कर दी है. इस मामले में अब बीसीसीआई की तरफ से भी सफाई दी गई है. बीसीसीआई का कहना है कि टीवी व्‍यूआरशिप में गिरावट की मुख्‍य वजह मुंबई इंडियंस (Mumbai Indians) और चेन्‍नई सुपर किंग्‍स (Chennai Super Kings) जैसी बड़ी फ्रेंचाइजियों का खराब प्रदर्शन है.

मुंबई की टीम अबतक खेले 12 मैचों में केवल तीन जीत ही दर्ज कर पाई है. चेन्‍नइ की स्थिति भी ज्‍यादा बेहतर नहीं है. वो 13 मैच खेलकर चार जीत दर्ज करने में कामयाब रहे. इस सीजन प्‍लेऑफ की दौड़ से महेंद्र सिंह धोनी और रोहित शर्मा की टीमें बाहर हो चुकी हैं.

वेबसाइट इनसाइड स्‍पोर्ट्स से बातचीत के दौरान बीसीसीआई अधिकारी ने कहा, “मैं इस बात को स्‍वीकार करता हूं कि आईपीएल व्‍यूआरशिप में गिरावट आई है लेकिन इसकी वजह जैसे की मीडिया में बताई जा रही है कि ज्‍यादा मैच होने के चलते फैन्‍स का टूर्नामेंट से बोर होना नहीं है. मुख्‍य वजह मुंबई और चेन्‍नई का खराब प्रदर्शन है. क्‍योंकि ये बड़ी टीमें अच्‍छा नहीं कर रही हैं. यही वजह है कि टीवी रेटिंग भी गिर गई है.”

आईपीएल चेयरमैन बृजेश पटेल ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा, “व्‍यूअरशिप में थोड़ी गिरावट जरूर है लेकिन यह नंबर ज्‍यादा चिंताजनक नहीं हैं. मुझे नहीं लगता कि इसकी वजह से मीडिया राइट्स के ऑक्‍शन में किसी प्रकार का असर पड़ेगा.”