IPL 2022 की शुरुआत से पहले चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) के कप्तान एमएस धोनी (MS Dhoni) ने यह तय कर लिया था कि वह टीम के भविष्य को देखते हुए इस सीजन कप्तानी नहीं करेंगे और उन्होंने रवींद्र जडेजा (Ravindra Jadeja) को कप्तानी सौंप दी. लेकिन आधा सीजन बीतने के बाद ही धोनी को जडेजा से वापस कप्तानी लेनी पड़ी क्योंकि जडेजा पर कप्तानी का दबाव साफ दिख रहा था.

इससे पहले एक रिपोर्ट यह भी आई थी कि सीएसके के सभी डिसीजन एमएस धोनी ही लेते हैं और रवींद्र जडेजा सिर्फ दिखावे के कप्तान हैं. इसमें टीम के मालिक एन. श्रीनिवासन को भी कोई ऐतराज नहीं था.

इस मसले पर ऑस्ट्रेलिया के पूर्व खिलाड़ी ब्रैड हॉग (Brad Hogg) ने भी इस पूरे मसले पर अपने विचार साझा किए हैं. हॉग ने अपने यूट्यूब चैनल पर कहा कि यह साफतौर पर दिख रहा था कि जडेजा डिसीजन लेने का दबाव नहीं सह पा रहे थे और इसी के चलते धोनी को एक बार फिर कप्तानी संभालनी पड़ी.

उन्होंने कहा, ‘जब जडेजा कप्तानी की शुरुआत में धोनी की मदद ले रहे थे तब जड्डू और सीएसके ने यही समझा कि बदलाव सही दिशा में हो रहा है. लेकिन जब धोनी ने जडेजा को पूरी तरह चार्ज सौंप दिया, तब दबाव बढ़ना शुरू हो गया. इसके बाद जडेजा गुमनामी में जाते दिख रहे थे और वह अपने गेंदबाजों दबाव से नहीं उबार पा रहे थे. वह दबाव के क्षणों में सही फील्डिंग नहीं सजा पा रहे थे.’

जडेजा ने इस सीजन चेन्नई के लिए शुरुआती 8 मैचों में कप्तानी संभाली थी. लेकिन वह इस दौरान अपनी टीम को सिर्फ 2 ही मैचों में जीत दिला पाए.