आईपीएल (IPL 2022) में इस समय जो मुंबई इंडियन्स (Mumbai Indians) की हालत है उसके लिहाज से अभी कोई भी उसका समर्थक बनने से बचेगा. यह किसी के लिए भी आसान नहीं होगा कि किसी भी प्रतियोगिता में आप सबसे कामयाब टीम रहे हों और फिर खुद को सबसे निचले पायदान पर पाएं. अब समय की सुइयां चल पड़ी हैं और मुंबई इंडियन्स (MI) खुद को इस सबसे निचले पायदान से बाहर निकालने के लिए बेताब होगी.

एक सप्ताह पहले तक यह लग रहा था कि उसकी शुरुआती हार सही तालमेल बैठने से पहले ही सिर्फ गड़बड़ भर है. मुंबई के बारे में एक बात हमेशा से कही जाती है कि वह हमेशा आईपीएल में सुस्त शुरुआत करने वाली टीम रही है. लेकिन अब जब तेजी से दिन पर दिन बीत रहे हैं और मैच दर मैच मुंबई की हार का सिलसिला नहीं टूट पा रहा है और तो और मुंबई को अपने कई सवालों के जवाब अभी भी तलाशने बाकी हैं, जबकि उनका प्रश्नपत्र अब मैच दर मैच और मुश्किल होता जा रहा है.

अभी तक मुंबई के खेल का जो हाल रहा है उससे साफ झलकता है कि एमआई को अपना सही बॉलिंग कॉम्बिनेशन नहीं मिल पा रहा है, जो उसका काम आसान कर पाए. वे हमेशा ही जसप्रीत बुमराह पर जरूरत से ज्यादा निर्भर दिख रहे हैं. मैच दर मैच यही लगा रहा है कि बाकी गेंदबाजों को टीम में आराम से जगह मिल रही है.

मुंबई की टीम लगातार पांच मैच हार चुकी है और इनमें से तीन मैच वह तब हारी है, जब स्कोर को बचाने उतरी थी. यह उनकी बॉलिंग की स्थिति को बताने के लिए काफी है.

पंजाब किंग्स के खिलाफ बुधवार को खेले गए मैच का ही उदाहरण ले लीजिए. उसके ओपनिंग गेंदबाजों को मयंक अग्रवाल और शिखर धवन की जोड़ी ने जहां चाहा वहां शॉट खेले. इसके बाद जसप्रीत बुमराह के बेहतरीन स्पेल और पंजाब को जल्दी-जल्दी दो विकेट गिराने के बावजूद मुंबई पंजाब को रोक नहीं पाई.

उसका हर मैच में कुछ ऐसा ही हाल रहा है. एमआई के गेंदबाजों को रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर (RCB) के खिलाफ 151 रन टोटल बचाना था और वे इसे करीब भी नहीं ला पाए. दो बार तो उसके गेंदबाजों को 190 से ज्यादा रन का स्कोर बचाने के लिए दिया गया.

इस बार जब आईपीएल में खिलाड़ियों की नीलामी हुई थी, तब यह तय था कि मुंबई की टीम अपने दो खास गेंदबाजों के रिप्लेसमेंट के बारे में सोच रही है. एक उसके लेफ्ट आर्म पेसर ट्रेंट बोल्ट और दूसरा लेग स्पिनर राहुल चाहर. लेकिन उसे अभी तक इसकी भरपाई होती नहीं दिख रही है. उसके तीन तेज गेंदबाजों- डेनियल सैम्स, टायमल मिल्स और जयदेव उनादकट अब तक थोड़ा बहुत ही प्रभाव जमा पाए हैं, जबकि कलाइयों के स्पिनर मुरुगन अश्विन भी अब तक कोई खास प्रभाव नहीं डाल पाए हैं.

ऐसा लग रहा है जैसे कप्तान रोहित शर्मा को टीम में उपलब्ध सीमित हथियारों के साथ लड़ने के लिए छोड़ दिया गया है. यहां तक बल्लेबाजी भी उनकी चिंता बढ़ा रही है. मैच का अंत आते-आते उसके खिलाड़ी डगआउट में अपने हाथों में अपना सिर पकड़े नजर आते हैं, जो मुंबई के खेमे में एक महामारी की तरह दिखने लगा है. टीम मैनेजमेंट, कोचिंग स्टाफ और टीम मालिकों ने खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ाने के लिए उनसे बात की है लकिन अब यह मुश्किल लग रहा है कि क्या यह सुपरस्टार टीम इस सीजन अपनी मुश्किलों से उबर पाएगी. अभी तो जो तस्वीर दिख रही है वह बेरंग नजर आती है.