Virat Kohli-Rahul Dravid पर बोले- Mohammad Kaif- एक आग तो दूसरा बर्फ, बताया कैसे काम करेगी यह जोड़ी

मोहम्मद कैफ ने कहा द्रविड़ और विराट का कॉम्बिनेशन भारतीय टीम में नए कमाल करेगा. लेकिन उन्हें अपनी प्रक्रिया सेट करने के लिए समय चाहिए.

Edited By : India.com Staff |Dec 22, 2021, 08:14 PM IST

Published On Dec 22, 2021, 08:14 PM IST

Last UpdatedDec 22, 2021, 08:14 PM IST

हाल ही में भारतीय क्रिकेट एक बार फिर गलत कारणों से चर्चा में है. साउथ अफ्रीका रवाना होने से पहले भारतीय कप्तान विराट कोहली की प्रेस कॉन्फ्रेंस ने तूफान खड़ा कर दिया, जिसमें सौरव गांगुली को भी घसीट लिया गया. लेकिन भारतीय क्रिकेट का यह सौभाग्य ही है कि उनके पास संकटमोचक मौजूद है. हम उन्हें राहुल द्रविड़ के नाम से जानते हैं, जो भारतीय टीम के नए मुख्य कोच हैं. मैं राहुल भाई के साथ और उनके अंडर खेला हूं तो मैं यह सुरक्षित रूप से यह कह सकता हूं कि अगर भारतीय टीम के जहाज को कोई संभालने वाले था, तो वह वही (द्रविड़) हैं.

मैं पूरे भरोसे के साथ यह कह सकता हूं भारतीय क्रिकेटर और कप्तान के तौर पर द्रविड़ ने खूब उतार-चढ़ाव देखे हैं. वह तब भारतीय टीम के कप्तान थे, जब ग्रेग चैपल बतौर कोच टीम के साथ थे. वह आईपीएल में राजस्थान रॉयल्स के तब कप्तान थे, जब साल 2013 में स्पॉट फिक्सिंग कांड हुआ था. बतौर कप्तान इन लम्हो ने उन्हें टेस्ट किया और वह इनसे एक योद्धा की तरह जीत कर ही निकले. उनके बातचीत का ढंग, धैर्य, अहम को संभालने का ढंग और इन सबसे ऊपर उनकी निस्वार्थ भावना उन्हें खास बनाती है.

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मैदान की चुनौतियां एक ओर हैं वहीं दूसरी ओर यह बहुत अच्छी बात है कि भारत विदेश में खेल रहा है. अगर खिलाड़ी सोशल मीडिया और अपने मोबाइल पर आने वाली न्यूज फीड से दूर रहते हैं तो वे आसानी से इस विवाद को बंद कर सकते हैं. बायो सिक्योर बबल में रहने से उन्हें एक दूसरे के साथ समय बिताने का ज्यादा मौका मिलेगा. मैं दिल्ली कैपिटल्स में बतौर सपॉर्ट स्टाफ अपने अनुभव के आधार पर यह बता सकता हूं टीम की आपस में बॉन्डिंग के लिए बायो बबल बहुत मददगार है. इसके अलावा मुझे पूरा भरोसा है कि द्रविड़ को यह सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त समय मिलेगा कि सभी खिलाड़ियों का फोकस मैच पर ला सकें.

क्रिकेट की पूरी दुनिया इस पूर्वाग्रह से यह देख रही होगी कि आखिर द्रविड़-विराट कोहली की जोड़ी कैसे काम करेगी. एक आग है तो दूसरा बर्फ है, एक अपने दिल को अपनी बाजुओं पर रखता है, जबकि दूसरा अपने चेहरे पर हमेशा मुस्कान रखने वाला है, चाहे कामयाबी मिले या फिर फेलियर, एक आगे आकर नेतृत्व करना पसंद करता है, जबकि दूसरा पीछे आकर आगे बढ़ाने में भरोसा करता है.

इसके बाद दोनों में कुछ समानताएं भी हैं, दोनों फोकस है, दोनों में जीतने की आग धधकती है. निश्चिततौर पर द्रविड़ और कोहली एक उम्दा मिश्रण हैं लेकिन यह उम्मीद मत करना कि यह सीधे ही आपको बेहतर टेस्ट देगा. मैं देख रहा हूं कि द्रविड़ को लंबे समय के लिए यह भूमिका दी गई है. अब मैं बस उम्मीद कर रहा हूं कि कोहली के लिए भी ऐसा ही होगा. दोनों के स्वभाव में अलग-अलग तत्व हैं ऐसे में एक बेहतर व्यंजन तैयार करने के लिए थोड़ा समय लगेगा. जब तक यह होगा तब तक हम सभी को धैर्य रखना होगा और उस प्रक्रिया को समझने की कोशिश करनी होगी, जो दोनों मिलकर तैयर कर रहे हैं.

द्रविड़ उन कोचों में से हैं, जो बहुत ज्यादा दखलअंदाजी नहीं करते हैं. अगर मैं उन्हें बेहतर से जानता हूं तो वह दोनों कप्तानों को टीम पर अपनी छाप छोड़ने की पूरी छूट देंगे. द्रविड़ के कार्यकाल में एक चीज और देखने को मिलेगी वह यह होगी खिलाड़ियों के चयन में स्थिरता देखने को मिलेगी. हालांकि विराट कोहली को अपनी प्लेइंग XI चुनने की पूरी छूट होगी लेकिन वह योग्य खिलाड़ियों को भरपूर मौका देंगे. उनका पहला कदम ड्रेसिंग रूम को सुरक्षित बनाना होगा, जिससे वह इसे विनिंग ड्रेसिंग रूम में बदल सकें.

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