ऑस्ट्रेलिया और पाकिस्तान (PAK vs AUS Lahore Test) की टीमें लाहौर में तीसरा और आखिरी टेस्ट मैच खेल रही हैं. टेस्ट मैच का पहला दिन ऑस्ट्रेलिया के लिए मुश्किल भरा था. वह सिर्फ 232 रन बनाकर 5 विकेट विकेट गंवा गई. इन 232 रनों में ओपनिंग बल्लेबाज उस्मान ख्वाजा (Usman Khawaja) ने 91 रनों का बेहतरीन योगदान था अन्यथा मेहमान टीम इस निर्णायक टेस्ट में और भी मुश्किल में होती.

ख्वाजा की यह पारी इसलिए भी लाजवाब है क्योंकि वह पूरा दिन खराब सेहत से जूझ रहे थे इसके बावजूद वह क्रीज पर 5 घंटों तक डटे रहे और कंगारू टीम के लिए उन्होंने ए छोर को संभाले रखा. ख्वाजा इस पारी के दौरान बीच-बीच में लगातार अपने डॉक्टरों से इलाज भी कराते रहे.

ख्वाजा की यह पारी महान बल्लेबाज सुनील गावस्कर (Sunil Gavaskar) की याद दिलाती है, जिन्होंने एक बार बुखार में बैटिंग करते हुए भारत के लिए शानदार शतक जमाया था. ऐसे में ख्वाजा को उनकी इस पारी के लिए मॉर्डन डे सुनील गावस्कर कहा जा सकता है.

लाहौर टेस्ट के पहले दिन जुझारू पारी खेलने के बाद ख्वाजा ने मीडिया से चर्चा करते हुए बताया, ‘मेरी तबीयत आज मैच की शुरुआत से ही कुछ ठीक नहीं थी और मुझे दिक्कत हो रही थी. यहां गर्मी बहुत थी और मैं बीमार भी था, ब्रेक के दौरान में डॉक्टरों से दवाई ले रहा था. कुल मिलाकर मैं अच्छा महसूस नहीं कर रहा था. यह मेरे लिए दिमागी खेल ज्यादा था और कई बार मैं बहुत संघर्ष कर रहा था.’

उन्होंने कहा, ‘मैं खुद को बार बार यही बता रहा था कि बस खेलते रहो, जितना हो सके खेलते रहो और इस तरह मैं वहां 5 घंटों तक खड़ा रहा. मैं यहां बहुत आक्रामक खेलकर आसानी से रन बनाने की कोशिश कर सकता था लेकिन तब 20-30 रन पर आउट हो जाता. मैं अच्छा महसूस नहीं कर रहा था और मैंने तब भी 90 बनाए… यह मेरे लिए जीत है. मैं इससे बहुत खुश हूं.’

बता दें मैच के दूसरे दिन ऑस्ट्रेलिया ने अपनी लड़खड़ाई पारी को एक बार फिर पटरी पर ला दिया है. दूसरे दिन 232/5 से आगे खेलने आई कंगारू टीम को एलेक्स कैरी और कैमरून ग्रीन ने फिफ्टियां जड़कर कंगारू टीम को बना कओई नया झटका लगे 300 के पार पहुंचा दिया है.