पाकिस्तान सुपर लीग (PSL 2022) में अब उन दो देशों के खिलाड़ी भी खेलते दिखाई देंगे, जहां क्रिकेट का ज्यादा प्रचार-प्रसार नहीं है. इस टी20 लीग की एक फ्रैंचाइजी पेशावर जालमी (Peshawar Zalmi) ने शुक्रवार को ऐलान किया है कि वह अपनी टीम में चीन और तुर्की के खिलाड़ियों को भी जगह देगा. पाकिस्तान सुपर लीग का अगले साल 7वीं सीजन होगा और इस सीजन में यह फ्रैंचाइजी चीन और तुर्की के दो-दो खिलाड़ियों को अपनी टीम में लाने का ऐलान कर चुकी है.

इस फ्रैंचाइजी के चेयरमैन जावेद अफरीदी ने शुक्रवार को यह घोषणा की. मीडिया में जारी वक्तव्य में अफरीदी के हवाले से कहा गया, ‘पेशावर जालमी हमेशा ही मित्र देशों को क्रिकेट के जरिए और करीब लाने का हमेशा प्रयास करता रहा है. हमारे इस कदम से चीन और तुर्की में क्रिकेट का प्रसार करने में मदद मिलेगी.’

अफरीदी ने कहा कि उनकी यह फ्रैंचाइजी पहले ही चीन के दो और तुर्की के कई खिलाड़ियों को ट्रेनिंग और कोचिंग देकर उन्हें क्रिकेट में सुधार करने के कई अवसर मुहैया करा रही है. बता दें ये दोनों ही देश आईसीसी में क्रिकेट के लिहाज से तीसरी श्रेणी के देश हैं. आईसीसी के पहली श्रेणी में उसके पूर्णकालिक सदस्य आते हैं.

इसके बाद दूसरी श्रेणी में असोसिएट्स सदस्य होते हैं. ये वे देश हैं, जहां क्रिकेट अच्छे ढंग से विकसित हो चुका है और वे संगठित ढंग से इस खेल को खेल रहे हैं.

आईसीसी की तीसरी श्रेणी एफीलेट्स देशों की है, जिसमें वे देश आते हैं जहां क्रिकेट के लिए पूरा ढांचा तैयार नहीं हैं लेकिन ये देश क्रिकेट के मान्य नियमों के तहत अपने देश में इस खेल को खेल रहे हैं.

हालांकि इन सदस्यों के पास आईसीसी मीटिंग में न तो वोट करने का अधिकार होता है और न ही वह कोई दूसरा प्रस्ताव ला सकते हैं. तुर्की तो अब आईसीसी की एफीलेट्स सूची से भी बाहर है. आईसीसी ने जून 2015 से उसकी यह सदस्यस्ता भी निलंबित कर दी है.