भारत के पूर्व कोच रवि शास्त्री (Ravi Shastri) ने भारतीय क्रिकेट को लेकर बड़ा बयान दिया है. रवि शास्त्री के मुताबिक रणजी ट्रॉफी (Ranji Trophy) की उपेक्षा करने पर भारतीय क्रिकेट ‘रीढ़हीन’ हो जायेगा. कोरोना महामारी के चलते पिछले साल रद्द होने के बाद इस साल भी रणजी ट्रॉफी स्थगित कर दी गई है. रणजी ट्रॉफी 13 जनवरी से खेली जानी थी, लेकिन कोरोना महामारी की तीसरी लहर के कारण इसे अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया है.

रणजी ट्रॉफी की उपेक्षा करना गलत

भारत के पूर्व क्रिकेटर रवि शास्त्री के बयान ने रणजी ट्रॉफी को अहमियत को बताया है. शास्त्री ने ट्वीट किया, ‘‘रणजी ट्रॉफी भारतीय क्रिकेट की रीढ़ है. इसकी उपेक्षा करने पर आप रीढ़हीन हो जाएंगे.’’

दो चरणों में हो सकता है रणजी ट्रॉफी का आयोजन

बीसीसीआई कोषाध्यक्ष अरुण कुमार धूमल (Arun Kumar Dhumal) ने बृहस्पतिवार को बोर्ड की बैठक के बाद कहा कि बोर्ड दो चरण में रणजी ट्रॉफी का आयोजन कर सकता है. इसकी वजह यह है कि 27 मार्च से आईपीएल शुरू हो रहा है और ऐसे में एक बार में रणजी ट्रॉफी करा पाना संभव नहीं है.

बैठक में बोर्ड अध्यक्ष सौरव गांगुली और सचिव जय शाह भी मौजूद थे. बोर्ड की योजना रणजी ट्रॉफी का पहला सत्र फरवरी से मार्च और दूसरा सत्र जून जुलाई में कराने की है.

महामारी के कारण पिछले सत्र में बीसीसीआई पुरुषों के सिर्फ दो सीमित ओवरों के टूर्नामेंट (विजय हजारे ट्रॉफी और सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी) करा पाया था. बीसीसीआई ने पिछले सत्र में रणजी ट्रॉफी नहीं होने पर सभी प्रथम श्रेणी क्रिकेटरों को मैच फीस का 50 फीसदी भुगतान किया था। इस साल भी टूर्नामेंट नहीं होता है तो भारत ए टीम जैसी टीमों के लिये क्रिकेटरों का पूल बनाने में दिक्कत होगी.