भारतीय टीम के इंग्लैंड दौरे के दौरान कोरोना वायरस (Coronavirus) से संक्रमित हुए टीम के चीफ कोच रवि शास्त्री (Ravi Shastri), बॉलिंग कोच भारत अरुण (Bharat Arun) और फील्डिंग कोच आर. श्रीधर (R. Sridhar) कोरोना वायरस से उबर चुके हैं और इन तीनों ने ब्रिटेन के कोरोना वायरस हेल्थ प्रोटोकॉल के तहत जरूरी 10 दिन का समय भी क्वॉरंटीन में काट लिया है. लेकिन इन तीनों को भारत आने से पहले कोरोना वायरस की नेगेटिव रिपोर्ट के साथ-साथ ‘फिट टू फ्लाई’ (उड़ान भरने के लिये फिट) टेस्ट से गुजरना होगा.

भारतीय खेमे में कोविड-19 संक्रमण के मामले आने के कारण पिछले हफ्ते मैनचेस्टर में इंग्लैंड के खिलाफ पांचवां टेस्ट रद्द करना पड़ा था. भारतीय क्रिकेट बोर्ड (BCCI) के एक वरिष्ठ अधिकारी ने गोपनीयता की शर्त पर पीटीआई से कहा, ‘शास्त्री, अरुण और श्रीधर कोविड-19 से उबरने के बाद शारीरिक रूप से स्वस्थ हैं. वे पृथकवास भी पूरा कर चुके हैं.’

उन्होंने कहा, ‘हालांकि स्वास्थ्य प्रोटोकॉल के अनुसार उड़ान भरने के लिए फिट होना सुनिश्चित करने के लिए उनका सीटी स्कोर 38 से ज्यादा होना चाहिए, तभी वे उड़ान भर पाएंगे. हम उनके अगले दो दिन में उड़ान भरने की उम्मीद कर रहे हैं, अगर उनका सीटी स्कोर सही रहता है तो.’

सीटी (सीटी स्कैन) स्कोर से एक संक्रमित व्यक्ति में वायरस के असर का पता चलता है और उसके फेंफड़ों में कितना संक्रमण हुआ था. अगर सीटी स्कोर ज्यादा है तो इससे पता चलता है कि व्यक्ति उबर गया है और माना जाता है कि लंबी फ्लाइट के लिए व्यक्ति का सीटी स्कोर 40 होना चाहिए.

तीनों भारतीयों कोचों को इस समय कोई लक्षण नहीं है और वे पूरी तरह से फिट हैं लेकिन प्रमाण पत्र हासिल करने के बाद ही वे स्वदेश लौटने के लिये उड़ान भर सकते हैं. शास्त्री ओवल में चौथे टेस्ट के तीसरे दिन पॉजिटिव आए थे. अरुण और श्रीधर को उनके करीबी संपर्क के चलते पृथकवास में रहना पड़ा. हालांकि बाद में ये दोनों भी पॉजिटिव आए थे. बुधवार को इन तीनों ने 10 दिन का पृथकवास पूरा कर लिया था.

जूनियर फिजियो योगेश परमार के भी पॉजिटिव आने के बाद कप्तान विराट कोहली की अगुआई में भारतीय खिलाड़ियों ने ओल्ड ट्रैफर्ड पर पांचवें टेस्ट में खेलने से इनकार कर दिया, जिससे इसे रद्द करना पड़ा. परमार भारतीय खिलाड़ियों के लिए एकमात्र फिजियो थे क्योंकि मुख्य फिजियो नितिन पटेल को भी कोचिंग स्टाफ के करीबी संपर्क के चलते पृथकवास में जाना पड़ा था.