पाकिस्‍तान की टीम के पूर्व बल्‍लेबाज सलमान बट (Salman Butt) का मानना है कि उनके देश के तेज गेंदबाज अपनी कला में सुधार करने की जगह गेंद को अधिक गति से फेंकने पर फोकस करते हैं. बट ने कहा भारतीय तेज गेंदबाजों से तुलना करने से पूर्व पाकिस्‍तानी गेंदबाजों को घरेलू क्रिकेट खेलकर अपनी कला और अनुभव में सुधार करने की जरूरत है.

दोनों की कला के स्‍तर में काफी अंतर है. कला घरेलू क्रिकेट में काफी अधिक गेंदबाजी कर प्राप्‍त की जा सकती है. आपको टेस्‍ट क्रिकेट में काफी मेहनत करने की जरूरत है. खेल के सबसे लंबे प्रारूप में आपको अपनी मानसिकता के साथ-साथ नवर्स (नसों) पर भी काबू रखना होता है. पाकिस्‍तन के गेंदबाज काफी युवा हैं.

सलमान बट (Salman Butt) ने कहा, “हमारे पास मोहम्‍मद हसनने, शाहीन अफरीदी, नसीम शाह जैसे युवा गेंदबाज हैं. शाहनवाज दहानी अब तक नहीं खेल पाए हैं. इसके अलावा कुछ अन्‍य गेंदबाज भी हैं. इन सभी गेंदबाजों के अनुभव को एक साथ जोड़ा जाए तो वो 25-30 टेस्‍ट मैच के बराबर होता है.”

सलमान बट (Salman Butt) ने कहा, “ भारत की बात की जाए तो मोहम्‍मद सिराज अकेले ही 40 फर्स्‍ट क्‍लास गेम खेल चुके हैं. इशांत शर्मा 100 से ज्‍यादा फर्स्‍ट क्‍लास मैच खेले होंगे. जसप्रीत बुमराह भी अपने प्रदर्शन का श्रेय रणजी ट्रॉफी में खेलने को दे चुके हैं. वो ज्‍यादा 145 क्रिलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से गेंद डालने का प्रयास नहीं करते हैं.”