इस्लाम औरतों को इस तरह देखने की इजाजत नहीं देता... तालिबान राज में महिलाओं के क्रिकेट खेलने पर लगा बैन
आईसीसी के सभी 12 पूर्ण सदस्यों की राष्ट्रीय महिला टीम होना जरूरी है और आईसीसी केवल पूर्ण सदस्यों को ही टेस्ट मैच खेलने की अनुमति है.
Published On Sep 09, 2021, 11:29 AM IST
Last UpdatedSep 09, 2021, 11:29 AM IST
अफगानिस्तान (Afghanistan) में सरकार गठित करने की घोषणा के बाद तालिबान (Taliban) ने नया फरमान जारी कर दिया है. तालिबान ने 8 सितंबर को स्पष्ट कर दिया है कि मुल्क में महिलाओं को क्रिकेट सहित किसी खेल में हिस्सा लेने की इजाजत नहीं है. तालिबान के मुताबिक क्रिकेट खेलते वक्त महिलाओं का चेहरा ढका नहीं होगा और इस्लाम इस तरह से महिलाओं को देखने की इजाजत नहीं देता.
तालिबान कल्चरल कमिशन के डिप्टी हेड अहमदुल्लाह वासिक (Ahmadullah Wasiq) ने एसबीएस न्यूज को दिए इंटरव्यू में कहा, “मुझे नहीं लगता कि महिलाओं को क्रिकेट खेलने की इजाजत होगी, क्योंकि यह जरूरी नहीं है कि महिलाएं क्रिकेट खेलें. क्रिकेट में उन्हें ऐसी स्थिति का सामना करना पड़ सकता है जहां उनका चेहरा और शरीर ढका नहीं होगा. इस्लाम औरतों को इस तरह देखने की इजाजत नहीं देता. यह मीडिया का जमाना है, और इसमें फोटो और वीडियो होंगे और फिर लोग इसे देखेंगे. इस्लाम और इस्लामिक अमीरात महिलाओं को क्रिकेट खेलने या उस तरह के खेल खेलने की इजाजत नहीं देते.”
तालिबान द्वारा इस फरमान के बाद ऑस्ट्रेलिया और अफगानिस्तान के बीच इस साल नवंबर में होबार्ट में होने वाले एकमात्र टेस्ट मैच पर संशय के बादल छा गए हैं. यह पूछे जाने पर कि महिला क्रिकेट नहीं होने का मतलब आईसीसी होबार्ट टेस्ट को रद्द कर सकता है. इस पर वासिक ने कहा कि तालिबान समझौता नहीं करेगा. उन्होंने कहा, “इसके लिए अगर हमें चुनौतियों और समस्याओं का सामना करना पड़ा तो हमने अपने धर्म के लिए लड़ाई लड़ी है, ताकि इस्लाम का पालन किया जा सके.”
उन्होंने आगे कहा, “हम इस्लामी मूल्यों को पार नहीं करेंगे, भले ही इसकी विपरीत प्रतिक्रिया हो. हम अपने इस्लामी नियमों को नहीं छोड़ेंगे. इस्लाम ने महिलाओं को खरीदारी जैसे जरूरतों के आधार पर बाहर जाने की इजाजत दी है और खेल को जरूरी नहीं माना जाता है.”
बता दें कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) के सभी 12 पूर्ण सदस्यों की राष्ट्रीय महिला टीम होना जरूरी है और आईसीसी केवल पूर्ण सदस्यों को ही टेस्ट मैच खेलने की अनुमति है. नवंबर 2020 में 25 महिला क्रिकेटरों को अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड (एसीबी) द्वारा केंद्रीय अनुबंध में शामिल किया गया था, जिसके बाद काबुल में 40 महिला क्रिकेटरों के लिए 21 दिवसीय प्रशिक्षण शिविर भी आयोजित किया गया.