Rahul Dravid के कोच बनने पर Virat Kohli का बयान- कोई जानकारी नहीं क्या चल रहा है...

48 वर्षीय राहुल द्रविड़ पिछले छह वर्षों से भारत ‘ए’ और अंडर -19 प्रणाली के प्रभारी हैं.

Edited By : India.com Staff |Oct 16, 2021, 07:56 PM IST

Published On Oct 16, 2021, 07:56 PM IST

Last UpdatedOct 16, 2021, 07:56 PM IST

रवि शास्त्री (Ravi Shastri) के बाद पूर्व भारतीय क्रिकेटर राहुल द्रविड़ (Rahul Dravid) को टीम इंडिया का हेड कोच नियुक्त किए जाने की संभावनाओं के बीच विराट कोहली (Virat Kohli) ने बड़ा बयान दिया है. भारतीय टीम के कप्तान ने साफ कह दिया है कि उन्हें इस बारे में कोई जानकारी नहीं है कि ‘क्या चल रहा है’? मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक राहुल द्रविड़ के भरोसेमंद पारस महाम्ब्रे (Paras Mhambrey) भारतीय टीम के गेंदबाजी कोच होंगे, जबकि विक्रम राठौर (Vikram Rathour) के बल्लेबाजी कोच के रूप में बने रहने की संभावना है.

48 वर्षीय राहुल द्रविड़ पिछले छह वर्षों से भारत ‘ए’ और अंडर -19 प्रणाली के प्रभारी हैं. उनकी देखरेख में रिषभ पंत, अवेश खान, पृथ्वी शॉ, हनुमा विहारी और शुभमन गिल जैसे खिलाड़ियों ने जूनियर स्तर से राष्ट्रीय टीम या फिर सीनियर स्तर का सफर तय किया है. द्रविड़ वर्तमान में बेंगलुरु स्थित राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी (एनसीए) के प्रमुख हैं.

Add Cricket Country as a Preferred Source add cricketcountry as a preferred source

टी20 विश्व कप के शुरुआती चरण के मुकाबलों से पहले कप्तानों के मीडिया सत्र के दौरान विराट कोहली से जब राहुल द्रविड़ के कोच बनने के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, ‘‘इस मुद्दे पर क्या चल रहा है, इसका अंदाजा नहीं है. अभी तक कोई विस्तृत जानकारी नहीं हुई है.’’

राष्ट्रीय टीम के कोच के मामले में टेस्ट क्रिकेट में भारत के दूसरे सबसे अधिक रन बनाने वाले खिलाड़ी (13,288 रन) से बेहतर शायद ही कोई और हो. उन्होंने एकदिवसीय क्रिकेट में भी 10,889 रन बनाए हैं. भारतीय टीम न्यूजीलैंड के खिलाफ 17 नवंबर से शुरू होने वाली शृंखला में भाग लेगी और उम्मीद है इससे पहले बीसीसीआई उनकी नियुक्ति की औपचारिकताएं पूरी कर लेगा.

बता दें कि बोर्ड के पदाधिकारी इस बात पर विचार कर रहे हैं कि भारतीय क्रिकेट में प्रतिभा संसाधन और प्रबंधन को लेकर द्रविड़ के विशाल ज्ञान का सर्वोत्तम उपयोग कैसे किया जाए और उनकी भूमिका केवल राष्ट्रीय टीम के मुख्य कोच तक सीमित रहने के बजाय अधिक समग्र हो सकती है. भारत ए या अंडर -19 टीमों के अपने-अपने कोच होंगे लेकिन बीसीसीआई द्रविड़ को सभी कोचों का प्रमुख बना सकता है, जिसमें एनसीए स्टाफ के साथ सभी क्रिकेट विभाग उनकी देखरेख में काम करेंगे.

Editor's Pick