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Cheteshwar Pujara के मुरीद हुए मोहम्मद रिजवान, उनसे सीखना चाहते हैं एकाग्रता

भारत और पाकिस्तान के ये दोनों खिलाड़ी इन दिनों इंग्लैंड में ससेक्स के लिए काउंटी क्रिकेट खेल रहे हैं. पुजारा ने यहां रनों का अंबार लगा दिया है और रिजवान अब उनसे बैटिंग की यह गजब की एकाग्रता सीखना चाहते हैं.

इस सीजन काउंटी क्रिकेट के लिए इंग्लैंड रवाना होने से पहले भारत के दिग्गज टेस्ट बल्लेबाज चेतेश्वर पुजारा (Cheteshwar Pujara) काफी उलझनों में थे. उन्हें लंबे समय से खराब फॉर्म में रहने के कारण घरेलू सीरीज में श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट सीरीज से बाहर कर दिया गया था. लेकिन पुजारा ने इंग्लैंड में पहुंचकर जो खेल दिखाया उससे हर कोई हैरान हैं.

लंबे समय से टेस्ट क्रिकेट में शतक नहीं बनाने वाले पुजारा फर्स्ट क्लास क्रिकेट में एक के बाद शतक और दोहरे शतक ठोक कर बता दिया है कि वह जल्दी ही टेस्ट क्रिकेट में ऐसा करते दिखाई देंगे. इस बीच पाकिस्तान के युवा विकेटकीपर बल्लेबाज मोहम्मद रिजवान (Mohammad Rizwan) भी उनसे प्रभावित हैं, जो पुजारा से उनके जैसी एकाग्रता सीखना चाहते हैं, जिससे वह क्रिकेट के सबसे लंबे फॉर्मेट के लिए अपने खेल में सुधार कर सकें.

पुजारा ने काउंटी चैंपियनशिप डिवीजन दो में ससेक्स की तरफ से खेलते हुए दो शतक और इतने ही दोहरे शतक बनाकर टेस्ट टीम में वापसी के लिए मजबूत दावा पेश किया है. पुजारा और रिजवान ने इस महीने के शुरू में डरहम के खिलाफ 154 रन की साझेदारी भी की थी.

इन दोनों के एक ही टीम से खेलने पर सोशल मीडिया में सकारात्मक टिप्पणियां भी देखने को मिली हैं. वर्ष 2021 में आईसीसी के वर्ष खिलाड़ी चुने गए रिजवान अटूट एकाग्रता के साथ बल्लेबाजी करने के मामले में पाकिस्तान के यूनिस खान (Younis Khan) और फवाद आलम (Fawad Aalam) को विशेष श्रेणी में रखते रहे .हैं लेकिन अब उन्होंने पुजारा को भी इस सूची में शामिल कर लिया है.

रिजवान ने ‘क्रिकविक’ से कहा, ‘जहां तक ​​मेरा और पुजारा का सवाल है, मुझे (भारत-पाकिस्तान प्रतिद्वंद्विता के संदर्भ में) कुछ भी अजीब नहीं लगा. यदि आप उनसे पूछोगे तो मुझे उम्मीद है कि उनका जवाब भी ऐसा ही होगा. मैं उनके साथ खूब बातचीत करता हूं, उन्हें परेशान भी करता हूं और टीम में हर कोई यह जानता है.’

रिजवान ने पुजारा की प्रशंसा करते हुए कहा, ‘वह बहुत अच्छा और प्यारा इंसान है. उनकी एकाग्रता और ध्यान केंद्रित करने की क्षमता लाजवाब है. अगर आपको उनसे कुछ सीखने का मौका मिलता है, तो आपको यह सीखना चाहिए.’

उन्होंने कहा, ‘एकाग्रता को लेकर मैंने यहां के कोच को भी बताया. मेरे पूरे करियर में मैंने जिन खिलाड़ियों को एकाग्रता के मामले में अव्वल पाया उनमें यूनिस भाई, फवाद आलम और वह (पुजारा) शामिल हैं.’ रिजवान ने कहा, ‘एकाग्रता और ध्यान केंद्रित करने के मामले में पूजारा मेरी सूची में दूसरे और फवाद आलम तीसरे स्थान पर हैं. मैं इन तीन खिलाड़ियों को इस मामले में अव्वल आंकता हूं.’

नियमित तौर पर सीमित ओवरों की क्रिकेट खेलने से लंबे प्रारूप में बल्लेबाजी प्रभावित हो सकती है और रिजवान ने कहा कि पुजारा की सलाह ने इसमें उनकी मदद की. रिजवान ने कहा, ‘एक समय ऐसा आता है, जबकि आपकी एकाग्रता का स्तर कम होने लगता है. मैं यह पता करने की कोशिश करूंगा कि ये तीनों खिलाड़ी इतने गहन ध्यान और एकाग्रता से कैसे बल्लेबाजी कर लेते हैं. मैं यूनिस भाई के साथ बात करता रहता हूं, लेकिन हाल में फवाद से ज्यादा बात नहीं हो पाई.

उन्होंने कहा, ‘जब मैं जल्दी आउट हो गया तो मैंने पुजारा के साथ बात की. उन्होंने मुझे कुछ चीजें बताईं जैसे शरीर के करीब से खेलना. जैसा कि सभी जानते हैं कि हम लगातार सीमित ओवरों की क्रिकेट खेल रहे हैं, जिसमें हम अपने शरीर के बहुत करीब से नहीं खेलते क्योंकि गेंद अधिक स्विंग या सीम नहीं करती.’

(इनपुट: भाषा)

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