T20 वर्ल्ड कप (T20 World Cup 2021) शुरू होने में अब कुछ ही दिन बचे हैं. इस टूर्नामेंट से पहले श्रीलंका के पूर्व दिग्गज स्पिनर मुथैया मुरलीधरन (Muttiah Muralitharan) ने स्पिनरों को इस फॉर्मेट में कामयाबी का मंत्र दिया है. मुरली ने स्पिन गेंदबाजों को सलाह दी है कि वे इस फॉर्मेट में डिफेंस को ही अपना कारगर अटैक समझें.

मुरलीधरन ने कहा कि टी20 क्रिकेट में डिफेंस ही स्पिनरों के लिए सर्वश्रेष्ठ आक्रमण है और गेंद जितनी धीमी होगी, बल्लेबाजों को अपने शॉट खेलने में उतनी ही दिक्कत आएगी. टेस्ट (800) और वनडे (534) में सर्वाधिक विकेटों का रिकॉर्ड अपने नाम करने वाले मुरलीधरन का मानना है कि टी20 क्रिकेट में गेंदबाज टेस्ट या 50 ओवरों के क्रिकेट की तरह हमेशा विकेट नहीं ले सकतें.

क्रिकेट के इस सबसे छोटे फॉर्मेट में अकसर गेंदबाज बल्लेबाजों के खिलाफ बचने का रास्ता ढूंढते हैं. इस फॉर्मेट में खूब चौके-छक्के बरसने के चलते इसे दे-दनादन क्रिकेट का दर्जा हासिल है. इस बीच मुथैया मुरलीधरन (Muttiah Muralitharan) ने गेंदबाजों को यह काम की सलाह दी है.

उन्होंने आईसीसी के लिए अपने कॉलम में लिखा, ‘टी20 में डिफेंस ही आक्रमण है. आपको 6 या 6.5 रन प्रति ओवर का लक्ष्य रखना चाहिए. अगर वह हो गया तो विकेट भी मिल जाएंगे.’ उन्होंने कहा, ‘टी20 क्रिकेट में बतौर खिलाड़ी या कोच या मेंटॉर मेरा अनुभव यही है कि आपको रक्षात्मक मानसिकता के साथ उतरना चाहिए. वहीं टेस्ट या वनडे में लक्ष्य विकेट लेने का होता है.’

49 वर्षीय इस फिरकी के जादूगर ने कहा, ‘शुरू में लोगों को लगता था कि टी20 क्रिकेट में स्पिनरों की धुनाई होगी लेकिन अब स्पष्ट है कि गेंद जितनी धीमी होगी, उसे मारना उतना ही कठिन होगा. स्पिनर सबसे महत्वपूर्ण गेंदबाज हो गए हैं और तेज गेंदबाज भी धीमी गेंदें डाल रहे हैं क्योंकि हर कोई गेंद को बल्ले पर सीधे देने से बचना चाहता है.’

श्रीलंका के बारे में उन्होंने स्वीकार किया कि पिछले कुछ साल में देश में क्रिकेट का स्तर गिरा है. T20 वर्ल्ड कप 2014 की विजेता श्रीलंकाई टीम को इस बार प्रारंभिक दौर के मुकाबले खेलने पड़ रहे हैं.

मुरलीधरन ने कहा, ‘श्रीलंकाई टीम को पहले दौर में क्वॉलीफायर खेलने होंगे. पिछले 5-6 साल में टीम का स्तर इतना गिरा है कि पहली बार क्वॉलीफायर खेलने पड़ रहे हैं. लेकिन यह टीम अच्छा प्रदर्शन कर सकती है. मेरी सलाह यही है कि विरोधी टीमों और खिलाड़ियों के रसूख से खौफजदा हुए बिना अच्छा खेल दिखाएं. टी 20 क्रिकेट की यही खूबी है.’

(इनपुट: भाषा)