क्रिकेट जगत में सोमवार को उस वक्‍त हड़कंप मच गया जब जिम्‍बाब्‍वे के खिलाड़ी ब्रेंडन टेलर (Brandon Taylor) ने खुलासा किया कि उन्‍होंने 2019 में भारत की धरती पर मैच फिक्‍सर्स के साथ मीटिंग की. उनके साथ नासमझी में कोकीन भी ली. इसके बाद इन फिक्‍सर्स ने उन्‍हें ब्‍लैकमेल करना शुरू कर दिया. मामला सामने आने के बाद बीसीसीआई भी हरकत में आ गई है. बीसीसीआई (BCCI) अधिकारियों का कहना है कि क्‍योंकि ये घटना भारत की धरती पर हुई है वो निश्चित तौर पर इसके बारे में पूरी जानकारी प्राप्‍त करना चाहेंगे. टेलर ने 2021 में अंतरराष्‍ट्रीय क्रिकेट से संन्‍यास ले लिया था. अपने करियर में उन्‍होंने 205 वनडे, 34 टेस्ट और 45 टी20 अंतरराष्ट्रीय खेले हैं.

ब्रेडन टेलर (Brandon Taylor) ने इस व्यवसायी  के नाम का खुलासा तो नहीं किया. उन्‍होंने कहा, ‘‘हमने साथ में शराब पी और शाम के समय उन्होंने मुझे कोकीन की पेशकश की. वे खुद भी कोकीन ले रहे थे. मैंने मूर्खता से इसका सेवन कर लिया. इस घटना के बाद मुझे अब तक लाखों बार पछतावा हो चुका है. मुझे उस बात को छुपा कर रखने का पछतावा है कि उस रात उन्होंने कैसे मेरा इस्तेमाल किया.’’

‘‘अगली सुबह वे लोग फिर से मेरे होटल कमरे में आये और कोकीन लेते हुए मेरा वीडियो मुझे दिखाया. उन्होंने मुझ से कहा कि मैं उनके लिए अंतरराष्ट्रीय मैचों में फिक्सिंग करूं नहीं तो मेरे वीडियो को सार्वजनिक कर देंगे. मुझे अपनी सुरक्षा की चिंता थी. मेरे होटल के कमरे में छह लोग थे. मैं उनकी चंगुल में फंस गया था. मैं अपनी मर्जी से ऐसी स्थिति में फंस गया जिसने मेरे जीवन को हमेशा के लिए बदल दिया.’’

वह हालांकि इसके परिणाम को झेलने के लिए तैयार हैं. उन्हें पता है कि आईसीसी उस समय इस घटना की जानकारी नहीं देने पर उन पर प्रतिबंध लगा सकती है. आईसीसी ने हालांकि इस मामले में अभी कोई टिप्पणी नहीं की है.

बेंडन टेलर (Brandon Taylor) कहा, ‘‘ वह ऐसा समय था जब जिम्बाब्वे क्रिकेट ने हमें छह महीने से वेतन नहीं दिया था और इस बात पर भी सवाल उठ रहे थे कि क्या जिम्बाब्वे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेलना जारी रखेगा.’’

उन्होंने इस प्रस्ताव स्वीकार करने की वजह के बारे में बताया, ‘‘ मुझे 15,000 डॉलर देकर मैच फिक्स करने के लिए कहा गया था. मुझे कहा गया था कि काम होने के बाद 20,000 डॉलर और मिलेंगे. मैंने अपनी सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उस समय प्रस्ताव पर हामी भर दी. मैंने रकम इस लिए स्वीकार किया ताकि भारत से सुरक्षित तरीके से बाहर निकल सकूं.’’

उन्होंने कहा, ‘‘मैंने हालांकि इसके बाद कभी में कुछ गलत नहीं किया. इस घटना का मेरे ऊपर गहरा असर हुआ और मैं अवसाद में चला गया था. अवसाद से उबरने के लिए कड़ी दवाइयां खानी पड़ी. मैंने खुद को बचाने और अपने परिवार की सुरक्षा के लिए इस घटना की जानकारी आईसीसी को चार महीने के बाद दी.’’