टीम इंडिया © Getty
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क्रिकेट साउथ अफ्रीका के सीईओ हारून लोरगट को उम्मीद है कि भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई), क्रिकेट साउथ अफ्रीका (सीएसए) की ग्लोबल टी20 में खेलने के लिए अपने खिलाड़ियों को अनुमति देगी। लीग का इस नवंबर में पहला सीजन आयोजित करवाया जाएगा। यही कारण है कि सीएसए ने अपने खिलाड़ियों को कोलपेक डील साइन करने के लिए मना कर दिया है।

लोरगट इस बात से निराश थे कि बीसीसीआई ने बॉक्सिंग डे टेस्ट को खत्म कर दिया जो भारत के दक्षिण अफ्रीका दौरे का हिस्सा होता। लेकिन फिर उन्होंने ये भी कहा कि सीएसए इस बात को समझता है कि इंडिया का अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम काफी व्यस्त है इसलिए बीसीसीआई के पास अन्य कोई विकल्प नहीं था।

लोरगट ने कहा, “हम इस बात से निराश हैं कि इंडिया बॉक्सिंग डे टेस्ट नहीं खेलेगी। वह इसलिए क्योंकि उनका कार्यक्रम खासा व्यस्त है। यह टेस्ट दिसंबर के अंत में आयोजित कराया जाना था इसी समय उनकी श्रीलंका के खिलाफ घरेलू सीरीज खत्म होती। मैं मानता हूं कि कार्यक्रम की जहां तक बात करें तो बीसीसीआई की अपनी चुनौतियां हैं।”

बीसीसीआई हर साल आईपीएल जैसे बड़े टूर्नामेंट का आयोजन करती है इसलिए वे अपने खिलाड़ियों को दूसरी टी20 लीग में शामिल होने की अनुमति नहीं देती। सीएसए के सीईओ को उम्मीद है कि निकट भविष्य में भारतीय बोर्ड इस संबंध में अपनी मुद्रा बदलेगा। [ये भी पढ़ें: श्रीलंका के खिलाफ तीसरे वनडे मैच में टीम इंडिया में हो सकते हैं बड़े बदलाव]

लोरगट ने कहा, “हम इस बात से खुश हैं कि विभिन्न देशों से सभी टॉप टी20 खिलाड़ी टू्र्नामेंट में शामिल होंगे। अगर भारतीय लीग में शामिल होते हैं, तो यह वर्ल्ड क्रिकेट के लिए बढ़िया होगा और जाहिरतौर पर लीग के लिए भी। लीग में 13 देश भाग ले रहे हैं और मैं उम्मीद करता हूं कि किसी दिन भारतीय भी लीग का अंग बनेंगे।”

भारतीय टीम मौजूदा समय में श्रीलंका में वनडे सीरीज खेल रही है। इसके बाद टीम इंडिया ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड और श्रीलंका से अपने घर में सितंबर से दिसंबर तक खेलेगी। इस दौरान टीम इंडिया 3 टेस्ट, 11 वनडे और 9 टी20I मैच खेलेगी।