पिछले दोनों टेस्ट को जीतने के बाद भारत का इरादा तीसरे टेस्ट को जीतकर क्लीन स्वीप करने का होगा © Getty Images (File photo)
पिछले दोनों टेस्ट को जीतने के बाद भारत का इरादा तीसरे टेस्ट को जीतकर क्लीन स्वीप करने का होगा © Getty Images (File photo)

टेस्ट क्रिकेट में दर्शकों को जो सबसे जाता भाता है वो चुनौतीपूर्ण स्थिति। ऐसा कहना है भारत के टेस्ट कप्तान विराट कोहली का। विराट कोहली ने कहा कि टेस्ट मैच में चुनौतीपूर्ण स्थिति को खिलाड़ी और दर्शक दोनों बहुत पसंद करते हैं। टेस्ट क्रिकेट में जो ऊर्जा मिलती है वो खेल के किसी और फॉर्मेट में नहीं मिलती। जब भारत के सबसे लोकप्रिय खिलाड़ी और दर्शकों के हीरो के मुंह से टेस्ट क्रिकेट के लिए ऐसे शब्द निकलते हैं, तो आप कह सकते हैं कि भारत में टेस्ट क्रिकेट का भविष्य सुनहरा है और मौजूदा भारतीय खिलाड़ी टेस्ट का स्तर गिरने नहीं देंगे।

न्यूजीलैंड के खिलाफ दूसरे टेस्ट को जीतकर भारत ने आईसीसी रैंकिंग में नंबर एक का स्थान हासिल किया। ईडेन गार्डन में कई मौकों पर विराट कोहली को दर्शकों की तरफ इशारा करते देखा गया। विराट कोहली लगातार दर्शकों का उत्साह बढ़ा रहे थे जिसका फायदा भारत को न्यूजीलैंड के निरंतर विकेट के रूप में मिलता रहा और न्यूजीलैंड के बल्लेबाज बड़ी साझेदारी करने में नाकामयाब रहे। कोहली ने कहा ‘ये हमारी जिम्मेदारी है कि टेस्ट क्रिकेट को वहां दोबारा पहुंचाया जाए, जहां वो कभी था’। अगर हम टेस्ट में इसी तरह खेल दिखाते रहे तो दर्शक भी टेस्ट क्रिकेट का लुत्फ उठाएंगे। अगर हम इसी तरह खेलते रहे तो दर्शकों को अच्छी क्रिकेट देखने को मिलेगी और हमें इस बात का पूरा भरोसा है कि हम उन्हें निराश नहीं होने अगर आप सीमित ओवरों के खेल में ऊर्जा से भरे रहते हैं तो ऐसा टेस्ट क्रिकेट में क्यों संभव नहीं है।

घरेलू श्रंखला में मेजबान के लिए दर्शकों की संख्या काफी मायने रखती है, और मैदान में दर्शकों की उपस्थिति मेजबान टीम के लिए काफी फायदेमंद साबित होती है। ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड, दक्षिण अफ्रीका में दर्शक अपनी टीम का काफी मनोबल बढ़ाते हैं। एक-दो विकेट लेने या फिर शतक बनाने पर दर्शक अपनी टीम की हौसलाअफजाई भी करते हैं। भारत में भी टेस्ट के दौरान अगर दर्शक स्टेडियम में आते हैं तो हम भी ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड और दक्षिण अफ्रीका जैसा महसूस कर सकते हैं। मैं ऐसा महसूस करता हूं दर्शकों का साथ खिलाड़ियों के लिए काफी मायने रखता है। बॉल अगर रिवर स्विंग करता और तेज गेंदबाज विकेट ले रहा होता है तो ऐसे में दर्शक मैदान पर दोनों टीमों के बीच काफी अंतर पैदा कर सकते हैं।

मैच में जब हम दो या तीन विकेट लेते हैं तो उसे दर्शक पसंद करते हैं और वो खुद को मैच से जोड़े रखते हैं। गेंदबाज जब थके हुए होते हैं ऐसे में मैदान में दर्शकों की उपस्थिति उनमें जोश भरती है जो टीम के लिए एक अच्छी बात होती है। दर्शकों की मौजूदगी और उनका उत्साहवर्धन हर टीम के लिए बहुत जरूरी होता है। टेस्ट क्रिकेट हमे लड़ना सिखाता है, हमें अंतिम क्षणों तक हार न मानना सिखाता और यही असली टेस्ट है।

अगर कानपुर में रविंद्र जडेजा ने निचले क्रम में टीम के लिए अहम रन बनाए थे तो कोलकाता में रिद्धिमान साहा ने। निचला क्रम अगर मजबूत हो तो टीम के लिए काफी फायदेमंद होता है और इससे आपकी टीम को भरोसा मिलता है कि अगर टीम मुसीबत में होगी तो अभी टीम के पास मजबूत निचला क्रम है। जडेजा और साहा जिस नंबर पर बल्लेबाजी करते हैं वो टीम के लिए बहुत जरूरी जगह है और अगर इस नंबर पर उतरते हुए ये रन करते हैं तो टीम को इससे मजबूती मिलती है जो कि टेस्ट क्रिकेट में बहुत जरूरी है। आखिरी समय में आप टीम के लिए तेज 40-50 रन चाहते हैं जो जडेजा और साहा ने कानपुर और कोलकाता में किया। जडेजा और साहा के योगदान को मैं टीम के लिए बहुत बड़ी उपलब्धि मानता हूं। साहा ने इस साल काफी अच्छा खेल दिखाया है और अपनी बल्लेबाजी से सभी को प्रभावित भी किया है। अगर का आपका विकेटकीपर रन बनाए तो ये टीम के लिए एक अच्छा संकेत है। आपको बता दें भारतीय टीम ने पहले कानपुर में और उसके बाद कोलकाता में न्यूजीलैंड को धूल चटाते हुए आईसीसी रैंकिंग में नंबर एक का स्थान हासिल कर लिया। भारत को सीरीज का आखिरी और तीसरा टेस्ट इंदौर में खेलना है। भारत का इरादा मैच जीतकर सीरीज में क्लीन स्वीप करने का होगा। ऐसे में विराट कोहली एंड कंपनी यही सोच रही होगी कि इंदौर में भी बिना किसी गलती के न्यूजीलैंड को हराकर इतिहास रचा जाए।

भारत के अब तक के प्रदर्शन को देखते हुए लगता है कि भारत को तीसरे टेस्ट में जीत हासिल करने में कोई साख दिक्कत नहीं होगी और भारत आसानी से तीसरे टेस्ट को जीतकर न्यूजीलैंड का सूपड़ा साफ कर देगा। लेकिन भारत को न्यूजीलैंड को हल्के में न लेते हुए अपने प्रदर्शन को और निखारने की जरूरत होगी।