CSK coach Stephen Fleming: We value players for their abilities not as overseas or local cricketers
चेन्नई के कोच स्टीफेन फ्लेमिंग © IANS

इंडियन प्रीमियर लीग के 12वें सीजन के बीच में दो विदेशी खिलाड़ियों को खोने वाली चेन्नई सुपर किंग्स टीम के कोच स्टीफेन फ्लेमिंग का कहना है कि हर मैच में चार विदेशी खिलाड़ियों को खिलाना जरूरी नहीं है। पहले दक्षिण अफ्रीकी तेज गेंदबाज लुंगी नगिडी और फिर इंग्लिश ऑलराउंडर डेविड विली अलग अलग कारणों की वजह से टूर्नामेंट से बाहर हो गए।

इसके बाद आने वाले मैचों में चेन्नई के लिए विदेशी कोटे को संतुलित करना मुश्किल हो जाएगा। इस बारे में कोच फ्लेमिंग ने कहा, “हम स्क्वाड में सभी को बतौर खिलाड़ी महत्वपूर्ण मानते हैं, ना कि विदेशी और लोकल खिलाड़ियों के तौर पर। हमारे पास कुछ अच्छी प्रतिभा हैं। मोहित शर्मा का खेलना अब भी बाकी है और वो फिटनेस इंजरी से लौट रहा है। हमारे पास नगिडी जैसा कोई लंबा तेज गेंदबाज नहीं है। कूगलेइन के पास गति है और जिसका वेग कुछ अलग है। जिस तरह से यहां कि पिच जा रही है और हमारे स्पिनर जैसा खेल रहे हैं। मुझे नहीं लगता कि गति उतनी अहम होगी।”

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गौरतलब है कि चेन्नई ने अपने पिछले दो मैचों में केवल तीन विदेशी खिलाड़ियों को ही प्लेइंग इलेवन में शामिल किया था। सीएसके ऐसी टीम है जो अपने भारतीय खिलाड़ियों पर ज्यादा भरोसा दिखाती है। कोच ने इस बारे में कहा, “स्क्वाड को देखें तो कौशल भारतीय बनाम विदेशी पर आधारित नहीं है। हरभजन सिंह बाएं हाथ के बल्लेबाजी कॉम्बिनेशन के खिलाफ अच्छा विकल्प है जिसका सामना हमने पहले दो मैचों (आरसीबी और दिल्ली) में किया था। और अगर आप ज्यादा दाएं हाथ के बल्लेबाजों का सामना कर रहे हैं तो ये बदल सकता है, आपके पास यहां मिचेल सैंटनर भी हैं लेकिन आपको चार विदेशी खिलाड़ियों को खिलाने की जरूरत नहीं है।”

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फ्लेमिंग ने आगे कहा, “हम स्क्वाड में मौजूद भारतीय खिलाड़ियों की गुणवत्ता से खुश हैं और इसलिए हम विदेशी खिलाड़ी या भारतीय खिलाड़ी होने की बजाय टीम में उनकी क्षमताओं के बारे में बात करते हैं। हम उन खिलाड़ियों को रेट करते हैं जिन्हें हम चुनते हैं और पिछले दो मैचों की टीमें जीत के लिए जरूरी सर्वश्रेष्ठ संतुलन पर आधारित थी।”