Dale Steyn: I didn’t think that I would be playing cricket again
Dale Steyn (Getty Images)

ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वनडे सीरीज में शानदार प्रदर्शन कर तेज गेंदबाज डेल स्टेन ने दक्षिण अफ्रीका जीत में अहम भूमिका निभाई। तीन मैचों की इस सीरीज में स्टेन ने कुल सात विकेट लिए और संयुक्त रूप से शीर्ष विकेट लेने वाले गेंदबाज बने। पिछले दो साल से चोटों के चलते संघर्ष कर रहे स्टेन ने आखिरकार 100 प्रतिशत फिटनेस हासिल कर ली है। हालांकि एक समय था जब स्टेन को भी क्रिकेट के मैदान पर वापसी की उम्मीद नहीं थी।

स्पोर्ट्स 24 को दिए बयान में इस दिग्गज गेंदबाज ने कहा, “अभी ज्यादा समय पहले की बात नहीं है, जब मुझे लग रहा था कि मैं दोबारा क्रिकेट नहीं खेल पाउंगा। जब मेरा कंधा टूटा, तो मेरे अंदर वापसी का एक जुनून सा था लेकिन इसमें लंबा समय था। मुझे वापस गेंदबाजी करने में पूरे 6 महीने लग गए। और मैं अपने फीजियो को मजाक में ये कहता था कि मेरी गति अंडर-9 जैसी है, मैं कंधा घुमा पा रहा था लेकिन मूमेंटम हासिल नहीं कर पा रहा था। मुझे पता था कि एक बार मैने खेलना शुरू कर दिया तो ये बाइक चलाने जैसा हो जाएगा। मैने ये इतने लंबे समय तक यही किया है और मेरा एक्शन इतना स्वाभाविक है कि चीजें आसान होती गई।”

स्टेन 2016 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पर्थ टेस्ट के दौरान चोटिल हो गए थे। स्टेन ने कंधे की सर्जरी करवाने के बाद क्रिकेट के लंबा आराम लिया। करीबन डेढ़ साल के बाद भारत के खिलाफ घरेलू सीरीज में वापसी करते समय स्टेन एक बार फिर चोटिल हो गए। ऐड़ी की चोट की वजह से उन्हें इस सीरीज से भी बाहर होना पड़ा था।

चोट के बाद मैदान पर वापसी केवल शारीरिक नहीं बल्कि मानसिक क्षमता की भी परीक्षा लेती है। इस बारे में स्टेन ने कहा, “साथी खिलाड़ियों को खेलता देखकर उनके साथ हिस्सा ना ले पाने के दौरान मानसिक ताकत की जरूरत पड़ी। लेकिन आखिर में सब कुछ ठीक हो गया। मैने हर दिन को भगवान की दया समझा। सोच ये थी कि अगर मैं एक और मैच खेल पाऊं तो अच्छा होगा। यहां तक कि मैने हर बार एक और गेंद कर पाने और एक और विकेट लेने के बारे में सोचा।”

अब जबकि स्टेन पूरी तरह फिट हैं और विकेट भी ले पा रहे हैं तो अगला लक्ष्य 2019 विश्व कप खेलने का ही है। उन्होंने कहा, “विश्व कप में अभी समय है। मुझे लगता है कि फिलहाल मेरी सबसे बड़ी सोच ये है कि विश्व कप आ रहा है और उससे पहले मुझे हरसंभव चीज पर काम करना है। मुझे पता है कि जब मैं अच्छा खेलता हूं तो आपने देखा होगा कि दूसरे खिलाड़ी भी अच्छा खेलने लगते हैं। आप देख रहे होंगे कि कगीसो रबाडा और बेहतर प्रदर्शन कर रहा है क्योंकि यहां अच्छी प्रतिद्वंदिता है और कड़ी टक्कर है। फिलहाल यही मेरा काम है। जब उस टीम (विश्व कप की टीम) का चयन होगा, वो किसी और का काम है और उसकी चिंता हम तब करेंगे जब समय आएगा। फिलहाल मैं केवल अगला मैच खेलना चाहता हूं।”