Dale Steyn: I feel like it’s a blessing to just be playing again
Dale Steyn © Getty Images

डेल स्टेन ने डरबन टेस्ट के दौरान शानदार कीर्तिमान हासिल करने के साथ अपनी गेंदबाजी श्रीलंका टीम को 191 के स्कोर पर ढेर किया। मैच के दूसरे दिन चार विकेट लेने वाले स्टेन ने माना कि इंजरी के चलते दो साल संघर्ष करने के बाद उन्होंने एक बार फिर से शुरुआत की है।

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मैच के बाद अपने प्रदर्शन पर बात करते हुए स्टेन ने कहा, “दो साल तक ना खेलने के बाद, फिर से खेल पाना खुशकिस्मती है। मुझे एक बार फिर से शुरुआत करनी पड़ रही है। मैं 430 विकेट के करीब नहीं हूं, शॉन पॉलक का रिकॉर्ड तोड़ने के बाद 20 और विकेट लेने के करीब हूं। पाकिस्तान के खिलाफ तीन मैचों की सीरीज खत्म करके अच्छा लगा और किसी को ये नहीं लिखना पड़ा कि ‘वो संन्यास लेने से केवल एक चोट दूर है’ फिर से योगदान देकर अच्छा लग रहा है। उम्मीद है कि मैं लंबे समय तक ये कर सकूंगा।”

35 साल के स्टेन ने 48 रन देकर चार विकेट लिए, जिससे दक्षिण अफ्रीका ने पहली पारी में 44 रनों की बढ़त हासिल की। स्टेन ने अपने टेस्ट करियर के कुल 437 टेस्ट विकेट पूरे किए और वो भारत के कपिल देव (434) से आगे निकल गए। स्टेन सर्वाधिक टेस्ट विकेट लेने वाले गेंदबाजों की सूची में सातवें स्थान पर इंग्लैंड के स्टुअर्ट ब्रॉड के साथ हैं। दिन का खेल खत्म होने तक प्रोटियाज टीम ने चार विकेट पर 126 रन बनाकर 170 रनों की बढ़त हासिल की।

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स्टेन ने कहा, “जब मैं 10 ओवर के स्पेल कर रहा होता हूं तो साफ दिखता है कि मैं उसका आनंद ले रहा हूं। मैं आसान विकल्प ले सकता हूं, 30 रन देकर 4 विकेट लूं और फिर फाइन लेग पर जाकर खड़ा हो जाउं और किसी और को काम करने के लिए कहूं। लेकिन ये मजेदार है, विकेट लेना मजेदार है, बल्लेबाजों को सिर पर गेंद मारना मजेदार है, जब तक कि कोई गंभीर हादसा ना हो।”

दक्षिण अफ्रीकी तेज गेंदबाज ने कहा, “जिस दिन मैं 140-145 की गति से गेंदबाजी नहीं कर पाता और अच्छे दिन ऑस्ट्रेलिया की तेज विकेट पर 150 की गति नहीं छू पाता तो मुझे खुद से पूछना होगा कि मैं कितना अच्छा हूं? मुझे अपने साथ ईमानदारी दिखानी होगी- मेरे पास पूरी दुनिया की काबिलियत नहीं है। मुझे लंबे समय तक निरंतर ज्यादा गति के साथ गेंदबाजी करनी होगी। थोड़ी काबिलियत के साथ मैं गेंद को बाहर कर सकता हूं और अंदर ला सकता हूं। आपको समझना होगा कि कब बाउंसर करनी है, कहां यॉर्कर डालनी है और कब धीमी गेंद का इस्तेमाल करना है। ये अनुभव से आता है और 15 साल के बाद मेरे पास थोड़ा अनुभव है।”