विंडीज के पूर्व कप्तान ने बताया क्यों युवा क्रिकेटर्स बन रहे हैं T20 स्पेशलिस्ट

डेरेन गंगा ने वेस्टइंडीज की ओर से से 48 टेस्ट, 35 वनडे और केवल एक टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेला है

Edited By : India.com Staff |Jun 09, 2020, 03:06 PM IST

Published On Jun 09, 2020, 03:06 PM IST

Last UpdatedJun 09, 2020, 03:06 PM IST

आज के दौर में क्रिकेटर्स टी-20 खेलने को लेकर ज्यादा उत्साहित रहते हैं. कई खिलाड़ियों ने क्रिकेट के इस छोटे फॉर्मेट में खेलने के लिए नेशनल टीम तक को भी छोड़ दिया है. वेस्टइंडीज के पूर्व कप्तान डेरेन गंगा का मानना है कि कम मेहनत में दस गुना अधिक कमाई करने के मौके के कारण ही विश्व भर के क्रिकेटर टी20 विशेषज्ञ के रूप में अपना करियर बना रहे हैं.

पिछले दशक में टी20 क्रिकेट की लोकप्रियता के कारण युवा क्रिकेटर टी20 विशेषज्ञ के तौर पर अपना करियर संवार रहे हैं और गंगा ने कहा कि यह हैरान करने वाला नहीं है.

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गंगा ने विजडन एवं क्रिकविज के सर्वश्रेष्ठ टी20 पोडकॉस्ट के दौरान कहा, ‘यह मानव प्रवृति है कि अगर आपको दस गुना कम मेहनत करने पर दस गुना अधिक कमाई होती है तो आप यह फैसला पलक झपकाये बिना कर दोगे.’

उन्होंने कहा, ‘वेस्टइंडीज ही नहीं दुनिया भर के अधिकतर क्रिकेटरों की स्थिति ऐसी है.’

वेस्टइंडीज की ओर से से 48 टेस्ट, 35 वनडे और केवल एक टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने वाले गंगा ने कहा कि विश्व भर में टी20 क्रिकेट की बढ़ती लोकप्रियता के कारण क्रिकेटर अपने देश का प्रतिनिधित्व किए बिना भी विभिन्न टी20 लीग में खेलकर अच्छी जिंदगी जी रहे हैं.

बकौल गंगा, ‘टी20 क्रिकेट में आपको पता होता है कि यह आपकी राष्ट्रीय टीम के लिये टी20 अंतरराष्ट्रीय खेलने तक ही सीमित नहीं है. खिलाड़ियों के पास कई तरह के अवसर हैं. ऐसे खिलाड़ी जो अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट नहीं खेल पाते वे दुनिया भर में टी20 फ्रेंचाइजी प्रतियोगिताओं में खेलकर आजीविका चला रहे हैं.’

 

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