कोच के रूप में मेरा कार्यकाल कुछ ज्यादा ही लंबा रहा : डैरेन लेहमन
डैरेने लेहमन ने साल 2013 से मार्च 2018 ऑस्ट्रेलिया के कोच के रूप में काम किया।
Published On Oct 16, 2018, 05:21 PM IST
Last UpdatedOct 16, 2018, 05:21 PM IST
Darren Lehmann (File Photo) © Getty Images
बॉल टेंपरिंग विवाद सामने आने के बाद तत्कालीन कप्तान स्टीवन स्मिथ और उपकप्तान डेविड वार्नर पर एक साल का बैन लगा तो बल्लेबाज कैमरून बैनक्रॉफ्ट पर भी नौ महीने का बैन लगाया गया। कोच डैरेन लेहमन को इस मामले में क्लीन चिट दे दी गई थी। हालांकि इसके बावजूद भी उन्हें पद से इस्तीफा देना पड़ा था।
फाइव एए रेडियो से बातचीत के दौरान लेहमन ने कहा, “मैं जब भी पीछे मुड़कर देखता हूं तो पाता हूं कि कोचिंग के दौरान मेरा पांच साल का अनुभव काफी शानदार रहा। मैं कई बार सोचता हूं कि शायद कोचिंग के दौरान मेरा कार्यकाल कुछ ज्यादा ही लंबा रहा।”
डैरेन लेहमन साल 2013 से 2018 तक ऑस्ट्रेलिया के कोच रहे। इस दौरान ऑस्ट्रेलिया की टीम ने दो बार एशेज सीरीज और 2015 का विश्व कप जीता। मिकी ऑर्थर के बाद लेहमन ने टीम की कोचिंग की जिम्मेदारी संभाली थी। अब उनके बाद जस्टिन लैंगर को ये जिम्मदारी दी गई है।
डैरेन लेहमन ने बताया, “मै अब भी अक्सर लैंगर के साथ बातचीत करता रहता हूं ताकि ये सुनिश्चित कर सकूं कि उन्हें टीम को अच्छे से समझने में मदद मिल सके। कोचिंग के दौरान आपको साल में 300 दिन प्रेशर की स्थिति का सामना करना होता है। बतौर कोच आप 24/7 पिछले या आने वाले मैच के बारे में सोचते रहते हो। आपके दिमाग में चलता रहता है कि कौन सा खिलाड़ी चोटिल है और किस खिलाड़ी को कैसे खिलाना है।”
लेहमन ने कहा, “मुझे लगता है कि मेरे जीवन में कोचिंग की जॉब सबसे डिमांडिंग रही। साथ ही ये काम करने में मुझे काफी मजा भी आया।” लेहमन का मानना है कि बॉल टेंपरिंग विवाद ऑस्ट्रेलिया के क्रिकेट पर बुरे दाग की तरह है। पिछले तीन महीनों के दौरान मैं इस घटना से उबर पाया हूं। अब मैं पहले जैसा ही महसूस करता हूं और क्रिकेट मैच को इंज्वाय करता हूं। जस्टिन लेंगर का मानना है कि स्मिथ और वार्नर एक बार फिर क्रिकेट में सरलता से वापसी करेंगे। दोनों ही अच्छे इंसान हैं।