डेविड वॉर्नर © Getty Images
डेविड वॉर्नर © Getty Images

डेविड वॉर्नर ने कहा है कि इंग्लैंड के जो रूट के साथ झगड़े ने उन्हें बेहतर इंसान बनने में मदद की। ऑस्ट्रेलियाई उप- कप्तान ने कहा, “तब मैं युवा था और अब मैं उम्रदराज हो गया हूं।” वॉर्नर ने रिपोर्टरों को एजबेस्टन में बताया, “मेरे दो बच्चे हैं और मैं शादीशुदा हूं। मैं काफी शांत हो गया हूं।” रूट और वॉर्नर के बीच झगड़ा साल 2013 चैंपियंस ट्रॉफी में ऑस्ट्रेलिया की इंग्लैंड के खिलाफ हार के बाद हुआ था। वॉर्नर ने कहा,”वह मेरे लिए सीखने वाला क्षण था। उस घटना ने मुझे आज एक क्रिकेटर ही नहीं बल्कि बेहतर इंसान बनने में मदद की।”

वॉर्नर को उस दौर में अपनी तड़क-भड़क के लिए जाना जाया करता था। इस घटना के बाद उन्हें निलंबित कर दिया गया था इसके अलावा उनपर जुर्माना भी लगा था। अब वह एक बार फिर से रूट के सामन होंगे जब इंग्लैंड ऑस्ट्रेलिया से 10 जून को चैंपियंस ट्रॉफी 2017 के बेहद महत्वपूर्ण मैच में भिड़ेगी। वॉर्नर ने कहा, “अगर मैं रूट को देखूंगा तो मैं उनसे हाथ मिलाऊंगा।” उस समय वॉर्नर को लगा था कि जो रूट हाशिम आमला की दाढ़ी का विग लगाकर मजाक बना रहे हैं। इसके बाद वॉर्नर ने रूट को घूंसा मारा था। जिसके कारण खासा बवाल मचा था। हालांकि, इंग्लैंड और रूट ने इस बात को नकारा था और कहा था कि वह खुद के चेहरे को देख रहे थे और सोच रहे थे कि वह दाढ़ी क्यों नहीं बढ़ा सकते। वॉर्नर की उस समय साख कुछ ज्यादा अच्छी नहीं थी इसलिए उनकी बात को ज्यादा गंभीरता से नहीं लिया गया।

वॉर्नर को ‘बुल’ निकनेम से जाना जाता है। अब उनके टीम मेट उन्हें ‘रेव’ कहते हैं। रेव एक संकेत है कि किस तरह से वॉर्नर ने अपने आपको ढाला है। हालांकि, वॉर्नर कहते हैं कि ‘बुल’ पूरी तरह से खत्म नहीं हुआ है। वह कहते है, “यह निर्भर करता है कि कैसा दिन मुझे मिलता है। ज्यादातर समय मैं श्रद्धेय(रेव)- जैसा वे कहते हैं- रहता हूं। लेकिन ये ऑस्ट्रेलिया के लिए मैच जीतने के बारे में है और एक अच्छा इंसान रहते हुए मैं टीम के साथ और क्रिकेट के बाहर लोगों से बातचीत कर सकता हूं।

वॉर्नर ने कहा, “हम सब उस समय से गुजरते हैं जब हम युवा और अनुभवहीन होते हैं। यह किसी चीज को बुरी तरह से करके आगे बढ़ जाना नहीं है। बल्कि ये दौरे में लंबे समय तक रहकर चीजों को सीखना है। कुछ चीजें हैं जिन्हें आपको युवा के तौर पर सीखना चाहिए।”