गौतम गंभीर © Getty Images
गौतम गंभीर © Getty Images

भारतीय बल्लेबाज गौतम गंभीर को दिल्ली क्रिकेट एसोसिएशन द्वारा लगाए चार मैचों के बैन से राहत मिल गई है। गंभीर को दिल्ली टीम के कोच केपी भास्कर से बहस करने की वजह से ये सजा दी गई थी लेकिन सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त दिल्ली क्रिकेट एसोसिएशन प्रशासनिक समिति के अध्यक्ष जस्टिस विक्रमजीत सेन ने गंभीर की सजा पर दो साल का प्रतिबंध लगाने का फैसला किया है। अब गंभीर पर ये बैन 30 मार्च 2019 के बाद लगेगा, इसका मतलब ये है कि तब तक गंभीर बिना किसी प्रतिबंध के पूरा क्रिकेट सीजन खेल सकेंगे। सेन ने गंभीर को ये राहत एक शर्त के बाद दी है, उन्होंने गंभीर को इन दो सालों में इस तरह कि स्थिति में ना उलझने की हिदायत दी है।

विक्रमजीत सेन ने कहा, “मैंने गंभीर को 11 जून को एक निजी सुनवाई में बुलाया था। मुझे लगा कि आईपीएल के दौरान इस तरह का फैसला लेना सही नहीं होगा, मौजूदा परिस्थितियों में, मैं इसे उचित और सुविधाजनक मानता हूं। समिति की रिपोर्ट और सिफारिशों को स्वीकार करते हुए मैंने गौतम गंभीर पर लगे प्रतिबंध को 30 मार्च 2019 तक दो साल की अवधि के लिए सशर्त निलंबित करने का फैसला किया है। गौतम गंभीर ने इस आदेश को स्वीकार करते हुए कहा है कि वह इस तरह की हरकत दोबारा नहीं करेंगे।” हालांकि समिति ने गंभीर पर चार मैच का बैन लगाने का पूरजोर समर्थन किया था लेकिन सेन ने इस पर रोक लगा दी। [ये भी पढ़ें: चैंपियंस ट्रॉफी 2017: धमाकेदार फाइनल मैच के लिए तैयार हैं भारत-पाकिस्तान]

तीन सदस्यीय प्रशासनिक समिति ने अपनी रिपोर्ट में यह भी सिफारिश की है कि खिलाड़ियों के लिए एक ऐसा सिस्टम बनाना चाहिए जो खिलाड़ियों के अनुशासनात्मक रवैये को लेकर नियम बनाए ताकि अनुशासनहीनता को रोका जा सके।