सहवाग और गंभीर डीडीसीए की समिति में , हितों के टकराव पर उठे सवाल

गौतम गंभीर ने अभी क्रिकेट से संन्यास नहीं लिया है लिहाजा वह चयनकर्ताओं का चयन कैसे कर सकते हैं जो बदले में उन्हें चुनेंगे।

Edited By : Press Trust of India |Jul 25, 2018, 03:06 PM IST

Published On Jul 25, 2018, 03:06 PM IST

Last UpdatedJul 25, 2018, 03:06 PM IST

Virender Sehwag with Gautam Gambhir © AFP

क्रिकेट के मैदान पर भारत को कई बार जीत दिला चुकी वीरेंद्र सहवाग  और गौतम गंभीर की सलामी जोड़ी एक बार फिर साथ होगी जिन्हें (दिल्ली और जिला क्रिकेट संघ) की नवगठित क्रिकेट समिति में रखा गया है।

[link-to-post url=”https://www.cricketcountry.com/hi/news/bangladesh-a-vs-ireland-a-mominul-haque-soumya-sarkar-and-taskin-ahmed-included-in-bangladesh-a-squad-729045″][/link-to-post]

Add Cricket Country as a Preferred Source add cricketcountry as a preferred source

सहवाग और गंभीर के अलावा समिति में आकाश चोपड़ा और राहुल सांघवी भी होंगे जो दिल्ली क्रिकेट की दिशा और दशा तय करेंगे ।इन्हें कोचों, चयनकर्ताओं के चयन के अलावा खेल से जुड़े अन्य मसलों पर कई अधिकार होंगे।

डीडीसीए अध्यक्ष रजत शर्मा ने एक विज्ञप्ति में कहा कि नियुक्तियां लोढा समिति की सिफारिशों के अनुरूप की गई है लेकिन इससे हितों के टकराव को लेकर सवाल उठने लगे हैं।

गंभीर ने अभी क्रिकेट से संन्यास नहीं लिया है लिहाजा वह चयनकर्ताओं का चयन कैसे कर सकते हैं जो बदले में उन्हें चुनेंगे। गंभीर पिछले साल डीडीसीए में सरकार के प्रतिनिधि थे लेकिन पूर्व प्रशासक जस्टिस विक्रमजीत सेन ने उस फैसले पर रोक लगा दी थी ।

शर्मा गुट के सत्ता में आने के बाद तय था कि गंभीर को अहम भूमिका मिलेगी ।

सहवाग की एक क्रिकेट अकादमी है और वह इंडिया टीवी पर कमेंटेटर भी है जिसके मालिक रजत शर्मा खुद हैं । सांघवी आईपीएल टीम मुंबई इंडियंस से जुड़े हैं जबकि आकाश विभिन्न चैनलों पर कमेंट्री करते हैं। दोनों मुंबई में रहते हैं।

डीडीसीए सचिव विनोद तिहारा ने किया स्‍वीकार

डीडीसीए सचिव विनोद तिहारा ने स्वीकार किया कि यह मसला है लेकिन उनके लिए दिल्ली क्रिकेट के शीर्ष नामों को जोड़ना जरूरी था।

यह पूछने पर कि ये पद मानद् होंगे या वैतनिक, उन्होंने कहा , ‘ अभी हमने इस पर फैसला नहीं लिया है लेकिन गौतम विशेष आमंत्रित होंगे।’  यह पूछने पर कि क्या उन्हें चयनकर्ताओं और कोचों के चयन में बोलने का अधिकार होगा, उन्होंने कहा , ‘निश्चित तौर पर। मैं हितों के टकराव पर आपका सवाल समझ सकता हूं लेकिन अगर हम लोढा समिति के सुझावों पर अक्षरश: अमल करें तो क्रिकेट समिति में इतने योग्य लोग नहीं आ सकेंगे।’

Editor's Pick