Dean Jones oppose the idea of Misbah Ul Haq being both Head Coach and Selector of Pakistan team
डीन जोन्स, मिसबाह उल हक (Getty images)

पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने इंग्लैंड में आयोजित विश्व कप से निराश होकर लौटी टीम के कोच मिकी आर्थर को पद से हटाकर पूर्व कप्तान मिसबाह उल हक को इस पद पर नियुक्त किया। मिसबाह ना केवल टीम के कोच बल्कि टीम के प्रमुख चयनकर्ता भी हैं, जो कि पहली बार हुआ है। वहीं पूर्व ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटर डीन जोन्स ने इस दोहरी भूमिका की आलोचना की है।

पूर्व कंगारू बल्लेबाज ने ट्वीट किया, “मेरे विचार से क्रिकेट में, आप मुख्य कोच और चयनकर्ता दोनों की भूमिका नहीं निभा सकते। कल्पना करें कि आप खिलाड़ी हैं आपको कोई तकनीकि या मानसिक परेशानी है। क्या आप कोच के साथ ईमानदार रहेंगे जबकि आप जानते हैं कि आपको बाहर किया जा सकता है।”

वहीं पूर्व कीवी क्रिकेटर स्कॉट स्टाइरिस ने जोन्स की बात का विरोध किया। उन्होंने जवाब दिया, “तो आप कोच बनकर खुश हैं, ये जानते हुए कि नतीजे आपकी जिम्मेदारी हैं और आप अपने पसंद की टीम भी नहीं चुन सकते? क्या आप कल्पना कर सकते हैं कि सर एलेक्स फर्ग्यूसन, क्रेग बेल्लामी, बिल बेलिचिक का इस बात कर कोई अधिकार नहीं होता कि मैदान पर कौन जाता ! हां।”

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जोन्स ने साइरिस की बात के जवाब में कहा, “उम्दा क्रिकेट के खिलाड़ी श्रीमान स्टाइरिस ! खिलाड़ी को ऐसा कोई शख्स/कोच चाहिए होता है जिसके साथ वो पूरी तरह से ईमानदार रह सके। और वो ईमानदारी चयनकर्ता तक ना पहुंचेगी। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट अलग है क्योंकि यहां पर चुनने के लिए आपने सामने खिलाड़ियों का बड़ा पूल होता है।”

जोन्स ने माना कि कोच का चयन प्रक्रिया में शामिल होना जरूरी है लेकिन उसका खुद मुख्य चयनकर्ता होना आवश्यक नहीं। अब इन दो पूर्व क्रिकेटरों में से किसका मत सही है ये तो मिसहाब का कार्यकाल ही निश्चित करेगा।