Dilip Vengsarkar believes CoA Vinod Rai has become a laughing stock in women team coach appointment Row
Dilip Vengsarkar (File Photo) © IANS

सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्‍त बीसीसीआई के प्रशासनिक अध्‍यक्ष (सीओए) और प्रशसनिक समिति की सदस्‍य डायना एडुल्‍जी के बीच ईमेल वॉर मीडिया में आने के बाद से विनोद राय इन दिनों पूर्व खिलाड़ियों के निशाने पर हैं। महिला टीम के कोच पद पर रमेश पोवार की नियुक्ति विवाद पर समिति के दोनों अधिकारी एक दूसरे के आमने सामने आ चुके हैं। भारतीय टीम के पूर्व कप्‍तान दिलीप वेंगसरकर ने इस विवाद पर टिप्‍पणी करते हुए कहा कि विनोद राय खुद ही हंसी के पात्र बन गए हैं।

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दिलीप वेंगसरकर ने टाइम्‍स ऑफ इंडिया से बातचीत के दौरान कहा, “जो भी इस वक्‍त बीसीसीआई में हो रहा है वो मेरे जैसे पूर्व क्रिकेटर के लिए चिंता का विषय है। राष्‍ट्रीय टीम में नियुक्ति या किसी को निकालने की प्रक्रिया ये साबित करती है कि बीसीसीआई प्रशासन में चीजें ठीक से नहीं चल रही हैं। जिस तरह से विनोद राय चीजों को हैंडल कर रहे हैं उससे वो खुद ही हंसी का पात्र बन गए हैं।”

भारतीय टीम के पूर्व कप्‍तान और मौजूदा समय में क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ बंगाल के चेयरमैन सौरव गांगुली भी विनोद राय के काम करने के तरीके पर सवाल उठा चुके हैं। विनोद राय और डायना एडुल्‍जी के बीच लीक हुई ईमेल वॉर से पता चलता है कि टीम इंडिया के पूर्व कोच अनिल कुंबले को पद से हटा दिया गया था। विनोद राय ने विराट कोहली के दबाव में ही रवि शास्‍त्री को टीम का कोच बनाया था।

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वेंगसरकर ने कहा, “मुझे नहीं पता कि इन दिनों बीसीसीआई में हो क्‍या रहा है। क्‍या कोच की नियुक्ति और उसे पद से हटाने का काम सीओए का है। मेरी नजर में कप्‍तान के कहने पर एक कोच को पद से हटा देना और नए कोच की अपने आप नियुक्ति करना गलत है। ये एक प्रशासनिक फैसला है, मुझे समझ नहीं आता कि इसमें खिलाड़ी कहां से बीच में आ गए हैं।”