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    IND vs BAN: राहुल और सुंदर की फील्डिंग पर भड़के दिनेश कार्तिक, कह डाली ये बड़ी बात

    IND vs BAN:  राहुल और सुंदर की फील्डिंग पर भड़के दिनेश कार्तिक, कह डाली ये बड़ी बात

    दिनेश कार्तिक ने कहा कि अगर भारतीय टीम ये गलतियां नहीं करतीं तो मैच जीत जाती. भारत को बांग्लादेश के खिलाफ मीरपुर में खेले गए सीरीज के पहले वनडे इंटरनैशनल में एक विकेट से हार का सामना करना पड़ा.

    Updated: December 5, 2022 10:24 AM IST | Edited By: Bharat Malhotra
    नई दिल्ली : मेहदी हसन मिराज और मुस्ताफिजुर रहमान ने मिलकर बांग्लादेश को भारत के खिलाफ वनडे इंटरनैशनल सीरीज के पहले मैच में रोमांचक जीत दिल दी. दोनों की 10 विकेट की साझेदारी की बदौलत बांग्लादेश ने एक विकेट से जीत हासिल की. 187 रन के लक्ष्य को हासिल करने में मेजबान टीम को काफी मुश्किल आ रही थी लेकिन इस साझेदारी ने टीम को आखिरकार जीत दिला दी. बांग्लादेश की जीत में भारतीय टीम की दो बार खराब फील्डिंग का भी योगदान रहा. भारतीय टीम के सीनियर क्रिकेटर दिनेश कार्तिक ने भारतीय टीम की हार के बाद खराब फील्डिंग को लेकर कड़ी नाराजगी जताई. ये दोनों घटनाएं बांग्लादेश की पारी के 43वें ओवर में हुई. शार्दुल ठाकुर की ऑफ स्टंप से बाहर की एक गेंद पर मेहदी हसन ने बड़ा शॉट खेलने की कोशिश की. लेकिन गेंद ने बल्ले का किनारा लिया और हवा में ऊंची चली गई. केएल राहुल, जो विकेटकीपर की भूमिका में थे, कैच को लपकने के लिए दौड़े लेकिन उन्होंने इसे टपका दिया. इसकी अगली ही गेंद इसी लाइन और लेंथ पर थी. मेहदी ने फिर वही शॉट खेलने की कोशिश की. इस बार गेंद थर्ड मैन पर गई. वॉशिंगटन सुंदर ने कैच पकड़ने की कोई कोशिश नहीं की और गेंद को अपने सामने ही गिरने दिया. भारतीय कप्तान रोहित शर्मा इन दो फील्डिंग प्रयासों पर बहुत नाराज दिखे. क्रिकबज के साथ बातचीत करते हुए कार्तिक ने भारतीय फील्डिंग पर काफी नाराजगी जताई. उन्होंने कहा कि अगर राहुल या सुंदर ने कैच पकड़ लिए होते तो भारत वह मुकाबला जीत जाता. कार्तिक ने कहा, 'बेशक, केएल राहुल ने पारी के अंत में कैच छोड़ दिया और सुंदर आगे ही नहीं आए. मैं समझ नहीं पा रहा हूं कि सुंदर आगे क्यों नहीं आए. मुझे नहीं पता कि क्या यह लाइट का मामला था, जिसके बारे में मैं नहीं कह सकता लेकिन अगर उन्हें गेंद नजर आ रही थी तो उन्हें कैच के लिए जाना चाहिए था. इस सवाल का जवाब सिर्फ वही दे सकते हैं. कुल मिलाकर भारत का फील्डिंग प्रयास 50-50 था. फील्डिंग के लिहाज से यह भारत के लिए अच्छा दिन नहीं था लेकिन सबसे खराब भी नहीं था. मुझे लगता है कि दबाव के चलते हमने कुछ बाउंड्रीज भी छोड़ दीं.'
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