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'ड्रेसिंग रूम की परवाह करें...', इशारों ही इशारों में ऋषभ पंत को सुना गए गौतम गंभीर

भारतीय टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर ने गुवाहाटी टेस्ट में टीम की हार के बाद साफ कहा कि खिलाड़ी को गैलरी के लिए नहीं बल्कि ड्रेसिंग रूम के लिए खेलना चाहिए.

user-circle cricketcountry.com Written by Bharat Malhotra
Last Updated on - November 26, 2025 8:58 PM IST

गुवाहाटी: भारतीय कोच गौतम गंभीर ने दूसरे टेस्ट में साउथ अफ्रीका से मिली 408 रन की करारी हार के बाद पत्रकारों के सवालों के खुलकर जवाब दिए. गंभीर ने हार के लिए किसी एक खिलाड़ी को तो दोष नहीं दिया. पर इतना जरूर साफ कर दिया कि वह ऋषभ पंत के आउट होने के तरीके से बहुत खफा हैं. पंत साउथ अफ्रीका के खिलाफ इस टेस्ट मैच में टीम इंडिया के कप्तान थे.

भारत एक विकेट पर 95 रन बनाकर अच्छी स्थिति में था लेकिन इसके बाद टीम ने लगातार विकेट गंवा दिए और स्कोर सात विकेट पर 122 रन हो गया जिसमें मार्को यानसन की गेंदबाजी अहम रही. पंत ने यानसन पर आक्रामक होकर खेलने की कोशिश की जबकि उस वक्त उन्हें संयम दिखाने की जरूरत थी. और इसी शॉट को सबसे खराब माना जा रहा है.

मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में गंभीर हमेशा की तरह तेवर में थे. सीरीज 0-2 से गंवाने के बाद जब गंभीर से पूछा गया कि क्या उन्हें पंत से बेहतर की उम्मीद थी तो उन्होंने कहा, ‘आप किसी एक शॉट या किसी एक खिलाड़ी को दोष नहीं दे सकते. मैं कभी भी किसी एक खिलाड़ी पर बात नहीं करता, आज भी नहीं करूंगा.’

उन्होंने कहा, ‘सच्चाई यही है कि हमें लाल गेंद के क्रिकेट में बहुत सुधार करना है. चाहे वह मानसिक हो, तकनीकी हो, दबाव झेलने की क्षमता हो, बलिदान देने की भावना हो, या टीम को खुद से ऊपर रखना हो. और सबसे जरूरी, गैलरी को खुश करने के लिए नहीं खेलना.’

यहां यह साफ था कि इशारा पंत की ओर ही है. लेकिन जवाबदेही कैसे तय होगी के सवाल पर गंभीर ने बिल्कुल साफ इशारा किया, ‘यह परवाह करने से आता है. आप ड्रेसिंग रूम की कितनी परवाह करते हैं, टीम की कितनी परवाह करते हैं. क्योंकि जवाबदेही और मैच की परिस्थितियां पढ़ाई नहीं जा सकतीं.’

उन्होंने आगे कहा, ‘अगर आप मैदान में जाकर हमेशा खुद को टीम से आगे रखेंगे, कहेंगे कि मैं ऐसे ही खेलता हूं और मेरे पास ‘प्लान बी’ नहीं है तो आपको इसी तरह बल्लेबाजी क्रम का चरमराना होता रहेगा.’

गंभीर ने कहा, ‘आप भारतीय क्रिकेट की कितनी परवाह करते हैं और ड्रेसिंग रूम में बैठे लोगों की कितनी परवाह करते हैं, यह बहुत महत्वपूर्ण है. जो खिलाड़ी सफेद गेंद के क्रिकेट में अच्छा करते हैं, उन्हें यह नहीं भूलना चाहिए कि उन्होंने लाल गेंद के क्रिकेट में क्या किया है.’

गंभीर ने लाल गेंद के क्रिकेट को प्राथमिकता देने की जरूरत पर जोर दिया. उन्होंने कहा, ‘सफेद गेंद के क्रिकेट में रन बनते ही लोग टेस्ट में किए गए प्रदर्शन को भूल जाते हैं. ऐसा कभी नहीं होना चाहिए. मीडिया, हम, खेल प्रेमी सब टेस्ट क्रिकेट में किए गए प्रदर्शन को भूलने लगते हैं.’

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उन्होंने कहा, ‘हमें आगे काफी सफेद गेंद का क्रिकेट खेलना है. कोई 40 गेंद, 50 या 80 गेंद पर 100 भी मार दे. लेकिन सच्चाई यह है कि हमें लाल गेंद के क्रिकेट में और बेहतर होना है.’