नौ साल पुराने नस्लवादी ट्वीट्स के चलते निलंबित हुए इंग्लिश तेज गेंदबाज ओली रॉबिनसन (Ollie Robinson) को लेकर क्रिकेट जगत दो गुटों में बंट गया है। जहां कई पूर्व दिग्गजों का कहना है कि 2012 में किए ट्वीट की वजह से एक युवा खिलाड़ी को सस्पेंड करना कड़ी सजा है, वहीं दूसरी ओर पूर्व इंग्लिश कप्तान माइकल वॉन (Michael Vaughan) ने इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड के फैसले का समर्थन किया।

वॉन ने ट्वीट किया, “मुझे लगता है कि ईसीबी ने ओली रॉबिन्सन के मामले को निष्पक्ष तरीके से संभाला। कई लोग इससे अहमत होंगे लेकिन लोगों को ये कहते हुए सुनना कि उन्हें फिर कभी नहीं खेलना चाहिए, ये पूरी तरह से हास्यास्पद है .. वो भारत के खिलाफ खेलेंगे और खेलना भी चाहिए।”

इससे पहले ब्रिटिश प्रधानमंत्री बॉरिस जॉनसन ने सोमवार को नस्लवादी ट्वीट्स के चलते युवा तेज गेंदबाज ओली रॉबिनसन को निलंबित करने के इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड के फैसले की आलोचना की। जॉनसन के अलावा ओलिवर डाउडेन का समर्थन भी किया है, जिन्होंने ईसीबी से 27 साल के रॉबिनसन पर लगाए बैन पर “फिर से विचार करने” की अपील की थी।

न्यूजीलैंड के खिलाफ लॉर्ड्स टेस्ट में डेब्यू करने वाले रॉबिनसन ने गेंद और बल्ले दोनों से शानदार प्रदर्शन किया था। हालांकि टेस्ट मैच के दौरान साल 2012 और 2013 में किए उनके पुराने ट्वीट्स चर्चा में आने के बाद बोर्ड ने उन्हें सस्पेंड कर दिया।

तेज गेंदबाज ने लॉर्ड्स टेस्ट की पहली पारी में इंग्लैंड के अटैक का नेतृत्व करते हुए 75 रन पर 4 विकेट लिए, जबकि दूसरी पारी में 26 रन देकर तीन विकेट लेने के साथ 42 रन भी बनाए।