आईसीसी की पिछली बैठक में प्रस्ताव रखा गया था कि आठ साल की अवधि में 2023 से 2031 के बीच 50 ओवरों के दो विश्व कप, चार टी-20 विश्व कप और दो बहुराष्ट्रीय टूर्नामेंट आयोजित किए जाएंगे.

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इंग्लैंड और वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ECB) ने आईसीसी (ICC) को सूचित किया है कि वह 2023 से 2031 तक हर साल आईसीसी टूर्नामेंट कराने के पक्ष में नहीं है.

भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड पहले ही इसका विरोध कर चुका है और क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया (Cricket Australia) ने उसका समर्थन किया है.  ऐसा समझा जाता है कि विश्व क्रिकेट के ‘बिग थ्री’ के बीच सहमति बनने के बाद आईसीसी की राह मुश्किल होगी.

ईसीबी अध्यक्ष कोलिन ग्रेव्स ने आईसीसी के मुख्य कार्यकारी मनु साहनी को एक ईमेल में कहा, ‘ईसीबी 2023 से 2031 के बीच हर साल आईसीसी टूर्नामेंट कराने के पक्ष में नहीं है.

ग्रेव्स ने कहा कि इस तरह का प्रस्ताव मानने से उसके अपने द्विपक्षीय करारों पर असर पड़ेगा.  इसके अलावा खिलाड़ियों के कार्यभार और स्वास्थ्य का भी मसला है.  वहीं इससे आईसीसी विश्व टेस्ट चैम्पियनशिप फाइनल भी बेनूर हो जाएगा.

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ग्रेव्स ने कहा कि आईसीसी विश्व चैम्पियनशिप की बढ़ती संख्या से इसका महत्व घट जाएगा.

उन्होंने कहा,‘ईसीबी की प्राथमिकता खिलाड़ी हैं और मौजूदा प्रस्ताव मानें तो खिलाड़ियों को आराम के लिये समय ही नहीं रह जाएगा.  आईसीसी को खिलाड़ियों के मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य की चिंता करनी चाहिए. ’

(इनपुट-भाषा)