सिस्टम का हिस्सा है नस्लवाद लेकिन हम बदलाव के लिए प्रतिबद्ध: ECB

इंग्लैंड क्रिकेट टीम के खिलाड़ियों जेम्स एंडरसन, जोफ्रा आर्चर और क्रिस जॉर्डन ने नस्लवाद के खिलाफ आवाज उठाई।

Edited By : Press Trust of India |Jun 13, 2020, 02:25 PM IST

Published On Jun 13, 2020, 02:25 PM IST

Last UpdatedJun 13, 2020, 02:25 PM IST

इंग्लैंड एवं वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ईसीबी) ने माना कि पूरे देश में उसकी क्रिकेट ‘प्रणाली में नस्लवाद है और इससे ये खेल भी अछूता नहीं है लेकिन बोर्ड इसमें बदलाव लाने के लिए प्रतिबद्ध है।

ईसीबी ने शुक्रवार को एक बयान में कहा कि हमें मिनियापोलिस में एक श्वेत पुलिसकर्मी द्वारा अफ्रीकी-अमेरिकी जॉर्ज फ्लॉयड की हत्या के बाद ‘ब्लैक लाइव्स मैटर’ आंदोलन से सीखना चाहिए।

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ईसीबी ने कहा, ‘‘हमने हाल के हफ्तों में लोगों से क्रिकेट, खेल और समाज में अश्वेत होने के उनके अनुभवों के बारे में ध्यान से सुना है। इस महत्वपूर्ण विषय पर मुखर होने के लिए हम उनकी प्रशंसा करते हैं। हम जानते हैं कि नस्लवाद देश भर के संस्थानों और क्षेत्रों के प्रणाली में फैला हुआ है और हमें ये भी पता है कि इससे हमारा खेल (क्रिकेट) भी अछूता नहीं है।’’

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दुनियाभर के खिलाड़ी नस्लवाल के खिलाफ हो रहे विरोध से जुड़ रहे है। इसमें इंग्लैंड के तेज गेंदबाज जोफ्रा आर्चर और जेम्स एंडरसन के अलावा वेस्टइंडीज के डेरेन सैमी और क्रिस गेल भी शामिल है। इन खिलाड़ियों ने ‘ब्लैक लाइव्स मैटर’ का समर्थन करते हुए नस्लवाद के खिलाफ बोला।

ईसीबी ने कहा, ‘‘ हम वास्तव में मानते हैं कि क्रिकेट का खेल सभी के लिए है, लेकिन यह जान कर दुख होता है कि इसका लुत्फ उठाने में कई समुदाय के लिए कुछ बाधाएं है। हमने देश भर में इस खेल को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने और बाधाओं को तोड़ने की कोशिश की है। खेल की हमारी संरचना में सुधार करना हमारा संकल्प है।’’

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