England vs India, 2nd Test: Why Joe Root’s decision to destabilize India failed after toss
जो रूट, विराट कोहली

इंग्लैंड के कप्तान जो रूट का लॉर्ड्स मैदान पर खेले जा रहे दूसरे टेस्ट मुकाबले में टॉस जीतकर भारत को बल्लेबाजी कराने का फैसला पूरी तरह असफल रहा। टीम इंडिया ने सलामी बल्लेबाजों रोहित शर्मा और केएल राहुल की शतकीय साझेदारी की मदद से पहले दिन तीन विकेट के नुकसान पर 276 रन का स्कोर बनाया।

यहां हम उन कारणों के बारे में बात करेंगे जिस वजह से रूट का पहले गेंदबाजी करने का फैसला असफल रहा:

1) पिच: नॉटिंघम के मुकाबले लॉर्ड्स की पिच पर उतनी घास नहीं थी। जिसके कारण पिच पर गेंदबाजों को गति नहीं मिल नहीं रही और इंग्लैंड के गेंदबाज आउटस्विंग कराने में विफल रहे। वहीं भारत की ओर से रोहित और राहुल ने बेहतरीन बल्लेबाजी की। राहुल ने धीमी शुरूआत के बाद अपनी पारी को गति दी। उन्होंने मोइन अली की गेंद पर छक्का लगाकर अपनी पहली बाउंड्री लगाई। इसके बाद उन्होंने इंग्लैंड में अपनी दूसरी शतकीय पारी खेली।

2) डिफेंसिव फैसला: इंग्लिश कप्तान रूट का टॉस जीतने के बाद गेंदबाजी करने का फैसला डिफेंसिव था। उन्होंने जेम्स एंडरसन की बादलों से घिरे मौसम में अच्छी गेंदबाजी करने की क्षमता पर भरोसा जताया था लेकिन एंडरसन की खराब फिटनेस ने भारतीय आक्रमण को आगे बढ़ने का मौका दिया।

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3) खली ब्रॉड की कमी: चोट के कारण इंग्लैंड के अहम गेंदबाज स्टुअर्ट ब्रॉड इस मैच में नहीं खेल सके। उनकी जगह मार्क वुड को लाया गया जो टीम के फिलहाल तेज गेंदबाज हैं लेकिन अब तक विकेट नहीं ले सके।

ओली रॉबिंसन नॉटिंघम में हुए पहले टेस्ट में काफी सफल रहे थे लेकिन इस मैच में वो भारतीय टीम को झटका देने में विफल रहे हैं। युवा गेंदबाज सैम कर्रन को इस मैच में लिया गया जो गेंद को स्विंग करा सकते हैं लेकिन तेजी की कमी के कारण वो असफल रहे।