पाकिस्तान टीम © AFP (File Photo)
पाकिस्तान टीम © AFP (File Photo)

चैंपियंस ट्रॉफी 2017 के पहले सेमीफाइनल में पाकिस्तान ने इंग्लैंड को 8 विकेट से हराते हुए फाइनल में प्रवेश कर लिया। चैंपियंस ट्रॉफी के इतिहास में यह पहला मौका है जब पाकिस्तान टीम फाइनल में पहुंची है। इंग्लैंड के द्वारा दिए गए 212 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी पाकिस्तान टीम ने निर्धारित लक्ष्य 37.1 ओवरों में 2 विकेट खोकर हासिल कर लिया। पाकिस्तान की ओर से अजहर अली ने सर्वाधिक 76 और फखर जमान ने 57 रन बनाए। दोनों ने पहले विकेट के लिए रिकॉर्ड 118 रन जोड़े और पाकिस्तान को जीत की ओर प्रशस्त किया। बाबर आजम 38 और मोहम्मद हफीज 31 रन बनाकर नाबाद रहे। इंग्लैंड की ओर से जेक बॉल और आदिल राशिद ने 1-1 विकेट लिया।

इससे पहले हसन अली (35/3) और जुनैद खान (42/2) की शानदार गेंदबाजी की मदद से पाकिस्तान ने इंग्लैंड को 49.5 ओवरों में 211 पर रोक दिया था। इस तरह पाकिस्तानी को जीतने के लिए 212 रनों का लक्ष्य मिला था। इंग्लैंड की ओर से कोई भी बल्लेबाज अर्धशतक नहीं जमा पाया। न ही इंग्लैंड की ओर से किसी विकेट के लिए अर्धशतकीय साझेदारी निभाई जा सकी। इस तरह से जो रूट 46 रन बनाने के साथ सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज रहे। उनके अतिरिक्त जॉनी बेयरेस्टो ने 43, कप्तान ऑइन मॉर्गन ने 33 और बेन स्टोक्स ने 34 रन बनाए। इनके अलावा अन्य कोई बल्लेबाज जमकर नहीं खेल पाया। दो अन्य पाकिस्तानी गेंदबाजों रुम्मन रईस ने 2 और शदाब खान ने 1 विकेट लिया।

इंग्लैंड की पारी: टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी इंग्लैंड टीम की शुरुआत खराब रही। ओपनर एलेक्स हेल्स (13) को तेज गेंदबाज रुम्मन रईस ने बाबर आजम के हाथों झिलवा दिया। हेल्स के आउट होने के दौरान टीम का स्कोर 34 रन था। इसके बाद जॉनी बेयरेस्टो और जो रूट ने पारी संभाली और धीरे-धीरे पारी को आगे बढ़ाने लगे। इसी बीच जब दोनों की आंखें जम गई तो दोनों चौके भी लगाने शुरू किए। लेकिन रन रेट बढ़ाने के प्रयास में बेयरेस्टो ने बड़ा स्ट्रोक लगाने का प्रयास किया और हसन अली की गेंद पर हफीज को कैच दे बैठे।

बेयरेस्टो ने 57 गेंदों में 43 रन बनाए। वहीं जब वह आउट हुए तो टीम का स्कोर 80 रन था। इस तरह से दूसरे विकेट के लिए 46 रनों की साझेदारी हुई। तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी करने के लिए कप्तान ऑइन मॉर्गन आए। अगले ओवरों में बेहद धीमी बल्लेबाजी देखने को मिली। हालांकि, ऑइन मॉर्गन ने कुछ चौके लगाकर इस रन रेट के अंतर को खत्म करने का प्रयास किया लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। टीम का स्कोर 27वें ओवर में 120 के आसपास लटका था। जाहिर है कि इंग्लैंड के बल्लेबाजों पर रन रेट बढ़ाने का दबाव बन रहा था। इस तरह इस विकेट के लिए सिर्फ 47 रनों की साझेदारी हुई।

ऐसे में शदाब खान की गेंद पर जो रूट सरफराज को विकटों के पीछे कैच दे बैठे। रूट ने 56 गेंदों में 46 रन 2 चौके लगाकर बनाए। तीन ओवरों के बाद मॉर्गन को हसन अली ने सरफराज के हाथों झिलवा दिया। मॉर्गन ने 53 गेंदों में 33 रन 4 चौकों की मदद से बनाए। इस तरह इंग्लैंड के 141 रनों पर चार विकेट गिर गए। लेकिन अभी विकटों की झड़ी कहां रुकने वाली थी। अगले ओवरों में जोस बटलर (11) और मोईन अली (11) भी चलते बने। इन दोनों विकटों को जुनैद खान ने अपनी झोली में डाला। [इंग्लैंड बनाम पाकिस्तान, चैंपियंस ट्रॉफी सेमीफाइनल, लाइव स्कोरकार्ड क्लिक जानने के लिए क्लिक करें…]

इस तरह से इंग्लैंड के 161 रनों पर 6 विकेट गिर गए। ऐसे में पूरी जिम्मेवारी बेन स्टोक्स पर आ गई जो एक ओर से खड़े- खड़े लगातार विकटों का पतन होते हुए देख रहे थे। स्टोक्स ने लगातार स्ट्राइक रोटेट करना जारी रखा। लेकिन उनपर जल्दी ही रन रेट का दबाव हावी हो गया। स्टोक्स ने 64 गेंदों में 34 रन बिना कोई चौका या छक्का लगाए बनाए। स्टोक्स को हफीज ने हसन अली की गेंद पर लपका। इसके बाद भी विकेट गिरने का सिलसिला नहीं थमा और पूरी पाकिस्तानी टीम 49.5 ओवरों में 211 रनों पर सिमट गई। पाकिस्तान की ओर से हसन अली ने सबसे ज्यादा तीन विकेट लिए।