England’s pacer James Anderson calls for action to tackle racism in cricket
जेम्स एंडरसन © Getty Images

इंग्लिश तेज गेंदबाज जेम्स एंडरसन का कहना है कि इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड तो खेल को हर किसी के लिए उपलब्ध कराने के लिए और प्रयास करने चाहिए और नस्लवाद के खिलाफ आवाज उठा रहे दुनिया भर के खिलाड़ियों के साथ आना चाहिए।

अमेरिका में 46 साल के अफ्रीकी-अमेरिकी जॉर्ज फ्लॉयड की हत्या के बाद दुनिया भर में नस्लवाद के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है। माना जा रहा है कि अगले महीने इंग्लैंड और वेस्टइंडीज के बीच होने वाली टेस्ट सीरीज के दौरान ब्लैक लाइव्स मैटर अभियान के प्रति अपना समर्थन दिखाने के लिए दोनों टीमें मैदान पर घुटने टेक सकती हैं।

एंडरसन कॉन्फ्रेंस कॉल के दौरान दिए बयान में कहा, “ये सभी के लिए बहुत अहम सप्ताह रहा। इसने लोगों को कई सारी बातें सोचने पर मजबूर कर दिया।”

37 साल के क्रिकेटर ने साथी खिलाड़ी जोफ्रा आर्चर के साथ पिछले साल नवंबर न्यूजीलैंड दौरे पर हुए नस्लीय टिप्पणी विवाद पर भी बात की। उन्होंने कहा, “मैं न्यूजीलैंड में नहीं था जब जोफ्रा के साथ नस्लीय दुर्व्यवहार किया गया था। इसने मुझे सोचने पर मजबूर कर दिया और मुझे लगा कि ‘क्या मैंने चीजों की तरफ आंख मूंद ली है?”

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उन्होंने कहा, “मैं अपनी टीम के साथियों का समर्थन करने की कोशिश करूंगा ताकि उन्हें किसी भी तरह के दुर्व्यवहार का सामना नहीं करना पड़े, लेकिन क्या मैं इस तरह की चीजों पर उनका समर्थन करने में सक्रिय हूं?”

एंडरसन ने कहा कि क्रिकेट को इस मामले पर और काम करने की जरूरत है। दरअसल उनका इशारा इस बात की ओर था कि मौजूदा समय में इंग्लिश काउंटी क्रिकेट में मात्र एक अश्वेत खिलाड़ी है। उन्होंने कहा, “ये बिल्कुल सही नहीं है।”

इंग्लिश क्रिकेटर ने कहा, “इसलिए मुझे लगता है कि हमें ये खेल हर किसी के लिए उपलब्ध कराने पर काम करना होगा। इस तरह से चीजें आगे नहीं बढ़ सकती।”